पाकिस्तानियों की आवाजाही बढ़ी
इनसे पहले पाकिस्तानी सेना का पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल हबीब भी चैरिटी के नाम पर भारत से सटे लंबिनी क्षेत्र में सक्रिय रहा। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार चैरिटी, मेडिकल कैंप, रिसर्च व सेमिनार के नाम पर पाकिस्तानियों की आवाजाही बढ़ी है।
नेपाल सीमा पर काम कर चुके आईबी के पूर्व अधिकारी संतोष सिंह बताते हैं कि यह गतिविधि सिर्फ मानवीय सेवा तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से भारत पर दोतरफा नजर रखने, सीमावर्ती क्षेत्रों की सूचनाएं जुटाने और नेटवर्क तैयार करने की आशंका है।
जांच रिपोर्ट का आधार
पीलीभीत, लखमीपुर खीरी, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर व महराजगंज से लगते नेपाली क्षेत्रों में पता लगाया जा रहा है कि पाकिस्तानी व तुर्किए से सेमिनार, फेलोशिप व रिसर्च प्रोजेक्ट के नाम पर कौन-कौन से लोग नेपाल की बार-बार यात्रा कर रहे हैं या फिर यात्रा प्रस्तावित है।
बॉर्डर क्षेत्र में संबंधित की कहां सक्रियता रही ? किस प्रतिष्ठान से जुड़ाव रहा? इनसे जुड़ी संस्था क्या काम करती है? फंडिंग कैसे मुहैया कराई जाती है। सूत्रों के अनुसार इन बिंदुओं के आधार पर दो चिकित्सक संदेह के घेरे में आए हैं, जिनमें से एक हाल ही में अचानक दुबई चला गया। उसके यात्रा कार्यक्रम और दिल्ली धमाके के बाद अचानक विदेश यात्रा ने संदेह गहरा दिया है।