डॉ. ईश्वर शरण विश्वकर्मा
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योगी आदित्यनाथ सरकार ने रिक्त पदों को तेजी से भरने के लिए चयन आयोगों के गठन का काम तेज कर दिया है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के बाद उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग इलाहाबाद का भी शनिवार को गठन कर दिया गया। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्राचीन इतिहास, पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग के आचार्य डॉ. ईश्वर शरण विश्वकर्मा को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। सरकार ने इसके चार सदस्यों की भी नियुक्ति कर दी है।
अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा संजय अग्रवाल ने शनिवार को आयोग के गठन की अधिसूचना जारी कर दी। आयोग में डॉ. विश्वकर्मा को अध्यक्ष और महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली के विधि अध्ययन संकाय के डॉ. हरबंश, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध बीएसए कॉलेज मथुरा में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कृष्ण कुमार, प्रयाग महिला विद्यापीठ डिग्री कॉलेज की डॉ. रजनी त्रिपाठी और दिग्विजय नाथ पीजी कॉलेज गोरखपुर के सेवानिवृत्त प्राचार्य व एलबीएस पीजी कॉलेज गोंडा में शिक्षक रहे डॉ. शेर बहादुर सिंह को सदस्य नियुक्त किया गया है।
प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद सपा शासनकाल में आयोग के चेयरमैन नियुक्त किए गए पूर्व आईएएस अधिकारी प्रभात मित्तल व चार अन्य सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था। आयोग में अध्यक्ष समेत सात सदस्यों के पद हैं। दो सदस्य अवकाशप्राप्त जज एसके पांडेय व शाहीन चिश्ती पहले से बने हुए हैं। अब अध्यक्ष व चार सदस्यों की नियुक्ति के बाद आयोग का पूरी तरह से गठन हो गया है। इससे आयोग उच्च शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों पर नियुक्तियों की कार्रवाई शुरू कर सकेगा।
पदोन्नति के साथ प्रीति की उच्च शिक्षा निदेशक पद पर तैनाती
सरकार ने आयोग के गठन के ठीक पहले उच्चतर शिक्षा निदेशक के रिक्त पद पर भी नियुक्ति कर दी। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा संजय अग्रवाल ने विभागीय चयन सिमति की संस्तुति पर उच्च शिक्षा निदेशालय में संयुक्त निदेशक प्रीति गौतम को उच्चतर शिक्षा निदेशक के रिक्त पद पर पदोन्नति देकर उनकी नियुक्ति कर दी।