दुर्गापूजा व मुहर्रम में निकलने वाले जुलूसों पर आईएस के हमले की धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हो गई हैं। इसे लेकर विशेष सुरक्षा बरतने के निर्देश दिए गए हैं। नवरात्र के बाद जहां दशहरे पर लखनऊ में बड़ा आयोजन होता है, वहीं मुहर्रम की 7वीं से 10वीं तिथि तक लगातार अलग-अलग रूटों पर जुलूस निकलते हैं। इस दौरान कार्यक्रम स्थल व जुलूस वाले रूट पर एटीएस के विशेष दस्ते तैनात किए जाएंगे।
एनआईए के सूत्रों का कहना है कि पिछले साल मुहर्रम के दौरान जुलूस में आईएस के आतंकियों ने कुराफात करने की कोशिश की थी, जो नाकाम रही थी। इसका खुलासा सैफुल्लाह ग्रुप के स्वघोषित आईएस के खुरासान मॉड्यूल के पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों ने किया था।
पिछले साल दशहरे के मौके पर लखनऊ आए प्रधानमंत्री की रैली स्थल के बाहर कम क्षमता का विस्फोट इसी ग्रुप ने किया था। हालांकि इसका पता उस समय नहीं चल पाया था। एटीएस के सूत्रों का कहना है कि आईएस शिया समुदाय द्वारा की जाने वाली मजलिस व मातम के खिलाफ है।
इसलिए इस समुदाय में दहशत फैलाने के लिए वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। हालांकि मौजूदा समय में इस गिरोह के लगभग सभी संदिग्ध जेल में हैं। फिर भी खुफिया एजेंसियों ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
इस पर आईजी एटीएस असीम अरुण का कहना है कि दुर्गापूजा व मुहर्रम एक साथ चल रहा है। आईएस की पिछले वर्ष की गतिविधियों के मद्देनजर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। लखनऊ में इस बार पिछली बार से अधिक फोर्स उपलब्ध कराई गई है।