राजधानी के इंटर कॉलेजों से संबद्ध स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियों में जमकर धांधलेबाजी की जा रही है।
ताजा मामला कालीचरण और लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज से जुड़ा है। गलत तरीके से होने वाली नियुक्तियों पर विवाद उठा तो डीएम और डीआईओएस ने साक्षात्कार पर रोक लगा दी।
दरअसल, इस खेल में पूरा गिरोह लगा है। इसमें विद्यालय प्रबंधक, जिला विद्यालय निरीक्षक से लेकर शिक्षा विभाग के आला अफसर और शासन तक सभी की मिलीभगत होती है।
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यह प्रक्रिया सतत चलती रहती है। इसके लिए ऐसे अखबार में विज्ञापन जारी किया जाता है जिसका प्रसार काफी कम हो। जिन आवेदकों से नौकरी के लिए सौदा होता है, उन्हें पहले से ही बता दिया जाता है।
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सरस्वती कन्या इंटर कॉलेज में सितंबर-2012 में पांच शिक्षिकाओं की भर्ती का विज्ञापन निकाला गया था। इनकी भर्ती उसी साल नवंबर में हो गईं। उससे पहले चार शिक्षिकाओं की भर्ती का विज्ञापन अगस्त-2012 में निकाला गया और भर्तियां इस साल अगस्त में कर दी गईं।
प्रधानाचार्या ने शैक्षिक योग्यता के प्रमाण पत्रों पर आपत्ति उठाई तो प्रबंधक ने लिख दिया कि साक्षात्कार के समय उन्होंने देख लिए हैं। इन्हें कक्षाएं पढाने दी जाएं। रोचक बात यह है कि यहां एक शिक्षिका को 15 अगस्त के राष्ट्रीय अवकाश के दिन कार्यभार ग्रहण कराया गया।
इस पर माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय मंत्री डॉ.आरपी मिश्र कहते हैं कि इससे आश्चर्यजनक क्या होगा? इसके अलावा तीन शिक्षिकाओं को 17 और 19 अगस्त की तारीखों में ज्वॉइनिंगदिलवाई गई।
सवाल नजरअंदाज-इंडस्ट्रियल इंटर कॉलेज में लगभग 80 छात्र हैं। मानक के अनुसार यहां तीन से ज्यादा शिक्षकों की जरूरत नहीं है। चार पहले से कार्यरत थे।
इसके बावजूद पांच और शिक्षकों की नियुक्ति हो गई। छात्रसंख्या कम होने के बावजूद शिक्षकों की नियुक्तियों को लेकर सवाल उठते रहे लेकिन अधिकारियों ने नजरअंदाज कर दिया।
कालीचरण कॉलेज का विवाद-कालीचरण इंटर कॉलेज में 454 छात्रसंख्या बताकर 17 शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन निकाला गया। यहां दो शिक्षक पहले से कार्यरत थे।
यहां दो शिक्षक पहले से कार्यरत थे। सूत्रों की मानें तो छात्रसंख्या महज 300 ही थी। ऐसे में 19 शिक्षकों की कोई जरूरत नहीं थी। पिछले साल भी यहां डीएम ने भर्तियों पर रोक लगाई थी। अभी 21 अक्तूबर से फिर इंटरव्यू शुरू हुए लेकिन डीएम ने फिर रोक लगा दी।
लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज विवाद- अल्पसंख्यक कॉलेजों से संबद्ध प्राइमरी केअलावा प्रवक्ता और सहायक अध्यापक की भर्ती का अधिकार भी प्रबंधन को होता है। यहां प्रवक्ता, सहायक अध्यापक और प्राइमरी के 20 शिक्षकों की भर्ती केलिए विज्ञापन निकाला गया।
कॉलेज में 25 अक्तूबर से साक्षात्कार रखे गए थे। इस पर भी विवाद उठा तो डीआईओएस ने पिछले हफ्ते शिक्षकों एवं छात्रसंख्या का ब्यौरा मांगा। कॉलेज ने पुराना ब्यौरा भेज दिया। इस फर्जीवाड़े केआधार पर यहां भी साक्षात्कार पर रोक लगा दी गई है।
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