बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर का अजब कारनामा उजागर हुआ है। विभाग के निदेशक दिनेश बाबू शर्मा ने नियमों को ताक पर रखकर 4 जून को लखीमपुर खीरी में बतौर प्रशिक्षु शिक्षक नियुक्ति पाने वाली मधु को लखनऊ से संबद्ध करने का आदेश जारी कर दिया है।
ईमानदारी की दुहाई देने वाले बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी के विभाग में संबद्धता के बहाने मनचाहे जिलों में भेजने का खेल शुरू हो गया है।
विभाग ने प्राइमरी स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शुरू की है। इन पदों के लिए पूरे प्रदेश से करीब 68 लाख आवेदन आए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक-एक पद के लिए कितनी मारामारी है। लखनऊ में 12पद हैं और लखीमपुर में 6000 पद। इसलिए लखनऊ की मेरिट सबसे ज्यादा थी और लखीमपुर की काफी कम।
प्रशिक्षु शिक्षकों को छह माह के प्रशिक्षण के बाद प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति दी जाएगी। प्रशिक्षु शिक्षकों को तीन माह स्कूल में और तीन माह का ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) पर प्रशिक्षण दिया जाना है।
अभी इन्हें बीआरसी पर प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया चल रही है। इसी दौरान बेसिक शिक्षा निदेशक ने प्रशिक्षु शिक्षक को लखनऊ से संबद्ध करने संबंधी आदेश जारी कर दिया।