प्रदेश पुलिस के 42 अफसरों को नए साल पर प्रमोशन का तोहफा मिलेगा। इन अफसरों के प्रमोशन के लिए मंगलवार को डीपीसी (विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक) होगी। इस बैठक में अलग-अलग बैच के 42 अफसरों को प्रोन्नति का लाभ मिलेगा।
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2007 बैच को सेलेक्शन ग्रेड, 2006 बैच के पुलिस अफसरों को एसपी से डीआईजी, 2002 बैच के आईपीएस अफसरों को डीआईजी से आईजी, 1995 बैच के आईपीएस आईजी से एडीजी और 1988 व 89 बैच के आईपीएस रिक्त पदों के सापेक्ष डीजी के पद पर प्रोन्नत होंगे।
सूत्रों के अनुसार 2006 बैच के आईपीएस अधिकारी जो डीआईजी बनेंगे उसमें पांच जिलों के पुलिस कप्तान शामिल हैं। अलीगढ़ के एसएसपी आकाश कुल्हरी, मथुरा के एसएसपी शलभ माथुर, कानपुर नगर के एसएसपी अनंत देव, सीतापुर के एसपी एल आर कुमार और पीलीभीत के एसपी अभिषेक दीक्षित को एसपी से डीआईजी के पद पर पदोन्नति मिल जाएगी।
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इसी बैच के अन्य पुलिस अधिकारियों में पीएसी 11वीं बटालियन में तैनात कमांडेंट डा. मनोज कुमार, गोरखपुर में एसपी रेलवे के पद पर तैनात पुष्पांजलि देवी, सीबीसीआईडी में तैनात एसपी अशोक कुमार पांडेय, एसपी इंटेलीजेंस गंगा नाथ त्रिपाठी, एसपी पावर कार्पोरेशन साधना गोस्वामी, एसपी व्यापार कर शिव प्रसाद उपाध्याय और डीजीपी मुख्यालय पर तैनात सर्व श्रेष्ठ त्रिपाठी डीआईजी बन जाएंगे। इन अधिकारियों में पुष्पांजलि, अभिषेक दीक्षित और सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी को उनके मूल कॉडर से प्रोफार्मा प्रमोशन आने के बाद इसका लाभ मिलेगा।
2002 बैच के आईपीएस बनेंगे आईजी
2002 बैच के आईपीएस अफसरों में डीआईजी प्रयागराज कवींद्र प्रताप सिंह, डीआईजी झांसी सुभाष सिंह बघेल और डीआईजी मिर्जापुर पीयूष श्रीवास्तव पहली जनवरी को आईजी के पद पर प्रोन्नत हो जाएंगे।
इसके अलावा डीआईजी कानून व्यवस्था विजय भूषण, डीआईजी सीबीसीआईडी धर्मवीर, डीआईजी पीएसी सेक्टर अनिल कुमार राय, डीआईजी एटीसी सत्येंद्र कुमार सिंह और डीआईजी इंटेलीजेंस जेके शुक्ला प्रोन्नति पाकर आईजी हो जाएंगे। इसी बैच के राकेश शंकर और रतन कांत पांडेय की अलग-अलग मामलों में जांच चल रही है, जिसकी वजह से इनका लिफाफा बंद रह सकता है।
7 आईपीएस अफसर डेढ़ साल में डीआईजी से बनेंगे आईजी
2002 बैच में 7 आईपीएस अफसर ऐसे हैं जिन्हें तीन साल का वरिष्ठता में लाभ मिला है। प्रांतीय पुलिस सेवा से प्रोन्नति के समय इन्हें विभागीय त्रुटियों के कारण 2005 बैच आवंटित किया गया था, मामला ट्रिब्यूनल में गया, जहां से त्रुटियों को ठीक करते हुए पिछले वर्ष 26 मार्च को 2002 बैच आवंटित किया गया। यानी पिछले वर्ष 26 मार्च 2018 को इन पुलिस अधिकारियों को डीआईजी के पद पर प्रोन्नति मिली और अब लगभग पौने दो साल में यह अफसर आईजी बनने जा रहे हैं। इसमें अनिल कुमार राय, विजय भूषण, कवींद्र प्रताप सिंह, सुभाष सिंह बघेल, सत्येंद्र कुमार सिंह, रतन कांत पांडेय, जितेंद्र कुमार शुक्ला और पीयूष श्रीवास्तव शामिल हैं।
मंगलवार को होने वाली डीपीसी में मेरठ रेंज के आईजी आलोक कुमार सिंह, आईजी साइबर क्राइम अशोक कुमार सिंह, आईजी सिक्योरिटी रवि जोसेफ और आईजी पीएसी मध्य जोन राम कुमार अगले वर्ष एडीजी हो जाएंगे। हालांकि इन अधिकारियों को प्रमोशन का लाभ फरवरी से पहले नहीं मिल पाएगा। क्योंकि एडीजी के पद पर फिलहाल वैकेंसी नहीं है।
पांच एडीजी बनेंगे डीजी
डीपीसी में 1988 और 1989 बैच के पांच अफसरों का प्रमोशन डीजी के पद पर होगा। इसमें 1988 बैच के एडीजी पावर कार्पोरेशन कमल सक्सेना, एडीजी ट्रैफिक विजय कुमार, एडीजी एटीसी बृज राज, एडीजी रूल्स एंड मैन्युअल चंद्र प्रकाश और एडीजी कानून व्यवस्था पीवी रामाशास्त्री को प्रोन्नति मिलेगी। हालांकि इन अफसरों को प्रोन्नति 2020 में डीजी के पद पर होने वाली रिक्ति के सापेक्ष मिलेगी। मौजूदा डीजीपी ओम प्रकाश सिंह, डीजी इंटेलीजेंस भवेश कुमार सिंह और डीजी एसआईटी महेंद्र मोदी 31 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं। जबकि 29 फरवरी को डीएल रत्नम और मार्च में जावीद अहमद और वीरेंद्र कुमार रिटायर हो जाएंगे।