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निवेशकों को मिलेंगी सहूलियतें, रक्षा-एयरोस्पेस इकाई व रोजगार प्रोत्साहन नीति में बदलाव का प्रस्ताव

Sun, 14 Jul 2019 11:34 AM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Defense Corridor meeting (file photo)
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प्रदेश सरकार रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2018 में गुजरात, महाराष्ट्र व तमिलनाडु सरकार की नीतियों के आधार पर कई महत्वपूर्ण संशोधन पर विचार कर रही है। इसमें निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई अतिरिक्त सुविधाएं देने का प्रस्ताव है।

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दरअसल, सरकार ने पिछले वर्ष जुलाई में रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति को मंजूरी दी थी। इसके बाद कई बार रक्षा क्षेत्र से जुड़े निवेशकों से विचार-विमर्श हुआ है। निवेशकों ने यूपी में निवेश की बड़ी संभावना जताते हुए गुजरात, महाराष्ट्र व तमिलनाडु की नीतियों का अध्ययन कर सहूलियतें व सुविधाएं बढ़ाने का सुझाव दिया था।

कई बड़े निवेशक दूसरे राज्यों की तरह सुविधाएं मिलने पर यूपी को निवेश में तवज्जो देने को आश्वस्त कर चुके हैं। इसके बाद इन राज्यों की नीतियों का अध्ययन करवाकर नीति में संशोधन का मसौदा तैयार कर शासन को विचार के लिए भेज दिया गया है।
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अब कैबिनेट इस पर विचार कर निर्णय लेगी। प्रस्तावित संशोधन में प्राइवेट डिफेंस व एयरोस्पेस पार्क की स्थापना पर तमिलनाडु की तरह कैपिटल सब्सिडी व गुजरात की तरह ब्याज सब्सिडी में छूट दी जा सकती है। बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए अतिरिक्त सब्सिडी दी जा सकती है।

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नीति में संशोधन के सुझाव

  • वर्तमान में डिफेंस कॉरिडोर में जमीन खरीदने पर सर्किल रेट या क्रय मूल्य में जो भी कम हो, लागत के 25 प्रतिशत तक की प्रतिपूर्ति की व्यवस्था है। सरकार इसे सीधे खरीद मूल्य का 25 प्रतिशत कर सकती है। महाराष्ट्र की तरह एंकर यूनिट द्वारा खरीदी जमीन के 20 फीसदी हिस्से को वेंडर यूनिट की सुविधाओं के लिए इस्तेमाल की छूट मिल सकती है।
  • भूमि आवंटन के लिए जमीन की कुल लागत का 10 फीसदी आवेदन के समय व 90 प्रतिशत 20 छमाही किस्तों में 12 फीसदी सामान्य ब्याज दर के साथ अदा करने की व्यवस्था हो सकती है।
  • एयरक्राफ्ट एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) यूनिट की स्थापना पर एमआरओ ऑपरेटर को राज्य जीएसटी की 50 फीसदी प्रतिपूर्ति का प्रावधान संभव। 
  • सभी रक्षा व एयरोस्पेस इकाइयों को उत्पादन शुरू करने से पांच वर्ष के लिए शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी से छूट का प्रस्ताव हो सकता है। 
  • उद्योगों को डिफेंस ऑफसेट फैसिलिटेशन एजेंसी (डोफा) से संवाद की सुविधा उपलब्ध करा सकती है। इससे आपसी दायित्वों को तय करने में मदद मिलेगी और विदेशी निवेश आकर्षित किया जा सकेगा।
  • सरकार स्किल डवलपमेंट के लिए ऑन जॉब टेक्निकल ट्रेनिंग पर छूट दे सकती है। पेटेंट व क्वालिटी सर्टिफिकेशन से जुड़े प्रोत्साहन प्रावधान शामिल करने का भी सुझाव है।
  • डिफेंस व एयरोस्पेस कलस्टर को रेल, रोड व हवाई संपर्क की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। 
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