प्रदेश में डाटा सेंटर की स्थापना के लिए निवेशकों को आकर्षित करने के लिए उन्हें सात श्रम कानूनों से छूट देगी। इसके तहत डाटा सेंटर पार्क और इकाई लगाने वाली कंपनियों को कारखाना अधिनियम, मातृत्व लाभ अधिनियम, दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम, संविदा श्रम विनियमन एवं उन्मूलन अधिनियम, पारिश्रमिक भुगतान अधिनियम, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम और सेवायोजन कार्यालय अधिनियम के दायरे से बाहर रखा जाएगा।
योगी कैबिनेट ने पिछले सप्ताह डाटा सेंटर पॉलिसी को मंजूरी दी थी। नीति के तहत में 250 मेगावाट क्षमता के डाटा सेंटर की स्थापना की जाएगी। 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश से 3 अत्याधुनिक डाटा सेंटर पार्क और 10 डाटा सेंटर इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इनमें चार हजार लोगों को प्रत्यक्ष और 10 हजार से अधिक लोगों को परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।