नौनिहालों की सेहत के लिए खतरा बनती मैगी की जांच कराने को हर शहर में रेंडम सर्वे सर्विलांस अभियान चलेगा। केंद्रीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसए) के निदेशक इंफोरसमेंट राकेश कुमार शर्मा ने उत्तर प्रदेश सहित सभी राज्यों के एफएसडीए मुख्यालय को आदेश जारी किया है।
इसमें नेस्ले इंडिया द्वारा निर्मित मैगी की गुणवत्ता जांच कर एक जून तक रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही नेस्ले इंडिया कंपनी पर कार्रवाई होगी।
एफएसडीए आयुक्त पीके सिंह ने भी केंद्रीय मुख्यालय से निर्देश मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि हमने बाराबंकी में मैगी की रिफरल लैब जांच रिपोर्ट असुरक्षित श्रेणी में फेल आने के बाद ही लखनऊ सहित कुछ अन्य प्रमुख शहरों में रेंडम सर्वे सर्विलांस के आधार पर नमूने एकत्र कर जनविश्लेषण प्रयोगशाला में जांच को भेज रखा है।
जल्द ही जांच रिपोर्ट मुख्यालय को मिलेगी। अगर इसमें लेड व एमएसजी (मोनोसोडियम ग्लूकामेड) अधिक मिला तो एफएसडीए एक्ट के आधार पर प्रदेश में मैगी की बिक्री रोकने को कार्रवाई शुरू होगी।