रायबरेली। जिले में संचालित सभी 353 माध्यमिक विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का पता लगाने के लिए 19 टीमें बनाई गई हैं। चार सदस्यों वाली इन टीमों ने निरीक्षण शुरू कर दिया है। संसाधनों के बारे में भौतिक सत्यापन करने के साथ ही विद्यालयों की आपस में दूरी का पता लगाने को मैपिंग कराई जाएगी। बोर्ड परीक्षा के केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया के अंतर्गत यह काम हर हाल मे 28 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की वर्ष 2024 में होने वाली हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सभी स्कूल-कॉलेजों से विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों का ब्योरा ऑनलाइन अपलोड कराया जा चुका है, जिसका अब सत्यापन कराया जा रहा है। जिले में 353 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 44 राजकीय, 46 सहायता प्राप्त और 263 वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं। इन सभी के संसाधनों की जांच के लिए 19 टीमें बनाई गई हैं। चार सदस्यों वाली हर टीम में राजकीय इंटर कालेजों के प्रधानाचार्य, प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापक शामिल हैं।
जिले में 18 विकास क्षेत्र और एक नगर क्षेत्र है। इसीलिए 19 टीमें बनी हैं। यानी कि हर क्षेत्र में एक टीम जांच करेगी। आनलाइन अपलोड की गई सूचनाओं का मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करना है। साथ ही मैपिंग के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि विद्यालयों की आपस में दूरी कितनी है। इससे परीक्षार्थियों के परीक्षा केंद्र आवंटन में मदद मिलेगी। सभी विद्यालयों की जांच होने के बाद उनकी रिपोर्ट आनलाइन अपडेट की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक ओमकार राणा का कहना है कि विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों के भौतिक सत्यापन के लिए 19 टीमें बनी हैं, जिन्हें 28 जुलाई तक काम पूरा करके रिपोर्ट देनी है।