दोनों सदस्य रविवार रात तक दफ्तर में जांच करते रहे। सोमवार को वे परीक्षा के आयोजन से लेकर परिणाम जारी करने और नियुक्तियों में हुई अनियमितता की शिकायतों की भी जांच करेंगे। अभ्यर्थियों की ओर से उपलब्ध कराए गए तथ्यों और दस्तावेजों के साथ प्राधिकारी दफ्तर के रिकॉर्ड का मिलान कराया जाएगा।
सहायक अध्यापक भर्ती लिखित परीक्षा से लेकर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने में बेसिक शिक्षा परिषद के अधिकारी भी संदेह के घेरे में हैं। जांच कमेटी अनियमितता में परिषद की भूमिका की भी जांच करेगी।
हालांकि, सरकार ने सपा शासन से लेकर शनिवार तक परिषद के सचिव रहे संजय सिन्हा को हटा दिया है। अपर मुख्य सचिव प्रभात कुमार ने कहा कि कमेटी की जांच रिपोर्ट में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।