लखनऊ। राजधानी में संचालित सभी निजी विद्यालयों की मान्यता की गहन जांच शुरू कर दी गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) राम प्रवेश की ओर से स्कूल प्रबंधकों को नोटिस जारी कर मान्यता से जुड़ी प्रमाणित पत्रावलियां तीन दिनों के भीतर उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
बीएसए कार्यालय को कई ऐसे मामलों की शिकायत मिली है, जहां एक मान्यता के आधार पर कई शाखाएं संचालित की जा रही हैं। यह भी सामने आया है कि कई स्कूल प्रबंधक ऐसी शाखाएं चला रहे हैं, जिनकी मान्यता न तो बेसिक शिक्षा परिषद से है और न ही वे आरटीई पोर्टल पर पंजीकृत हैं।
बीएसए ने स्पष्ट किया है कि जो प्रबंधक निर्धारित समय में दस्तावेज नहीं देंगे, उनके विरुद्ध शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सीबीएसई-आईसीएसई स्कूलों को भी लेनी होगी बेसिक से मान्यता
सीबीएसई और सीआईएससीई से संबद्ध स्कूलों को भी कक्षा 1 से 8 तक की मान्यता बेसिक शिक्षा परिषद से लेनी होती है। ऐसे में स्कूल प्रबंधकों को यह भी बताना होगा कि उनकी कितनी शाखाएं संचालित हैं और किस शाखा को किस स्तर तक मान्यता प्राप्त है।
बिना अनुमति चल रही विषय कक्षाएं भी जांच के दायरे में
एडी बेसिक श्याम किशोर तिवारी ने उन स्कूलों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जो मान्यता से अधिक विषयों की कक्षाएं चला रहे हैं या अवैध रूप से दाखिले ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना मान्यता कोई अतिरिक्त विषय पढ़ाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
कक्षा एक से आठ तक की मान्यता वाले स्कूलों की जांच शुरू हो गई है। जिन भवनों या शाखाओं को मान्यता प्राप्त नहीं है, वहां की गतिविधियां तत्काल बंद कराई जाएंगी। - राम प्रवेश, बीएसए