लखनऊ। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में साढ़ामऊ स्थित राम सागर मिश्र (आरएसएम) अस्पताल अब तीन अन्य बड़े अस्पतालों के लिए हब के रूप में काम करेगा। सोमवार से ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय, महानगर स्थित भाऊराव देवरस और चिनहट के 50 बेड अस्पताल के मरीजों के ब्लड सैंपल की जांच भी यहीं होगी। खास बात यह है कि मरीजों को रिपोर्ट लेने के लिए अस्पताल के चक्कर नहीं काटने होंगे, रिपोर्ट सीधे उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेज दी जाएगी।
अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि स्पोक एंड हब मॉडल के तहत वर्तमान में पहले से ही 8 केंद्रों (बीकेटी, इटौंजा, काकोरी, माल, मलिहाबाद, गुडंबा, अलीगंज सीएचसी और जानकीपुरम ट्रॉमा सेंटर) की जांच यहां हो रही है। अब तीन नए अस्पतालों के जुड़ने से कुल 11 केंद्रों के ओपीडी और भर्ती मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। वर्तमान में यहां रोजाना 500 से अधिक जांच की जा रही है।
गंभीर बीमारियों की होगी सटीक जांच
मरीजों को अब रूटीन टेस्ट के साथ-साथ कैंसर, दिल और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों की जांच के लिए निजी पैथोलॉजी नहीं जाना पड़ेगा। सोमवार से ये सभी सुविधाएं शुरू हो जाएंगी। मरीज जरूरत पड़ने पर संबंधित अस्पताल से रिपोर्ट की हार्डकॉपी भी प्राप्त कर सकेंगे।
अस्पताल में होने वाली मुख्य जांच
कैंसर स्क्रीनिंग : ओवेरियन कैंसर, पैंक्रियाटिक कैंसर (सीए 19.9), प्रोस्टेट कैंसर और बीटा एचसीजी।
हृदय व किडनी : हार्ट अटैक प्रोफाइल, कार्डियक प्रोफाइल और किडनी फंक्शन टेस्ट।
हार्मोनल व अन्य : थायराइड, इंसुलिन टेस्ट, एलएच, एफएसएच, प्रोलैक्टिन (रिप्रोडक्टिव हॉर्मोन)।
विटामिन व लाइफस्टाइल : विटामिन-डी, विटामिन बी-12, आयरन प्रोफाइल, डायबिटीज (एचबीए1सी) और थायराइड।
विशेष जांच : थैलसीमिया, वायरल मार्कर और यूरीन कल्चर।