लखनऊ। पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर, उनकी पत्नी नूतन ठाकुर और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ तालकटोरा थाने में दर्ज धोखाधड़ी के मामले की विवेचना स्थानांतरित कर दी गई है। राजाजीपुरम निवासी संजय शर्मा की तहरीर पर दर्ज मामले की जांच अब गोमतीनगर विस्तार पुलिस करेगी। यह स्थानांतरण संजय शर्मा के बयान व घटनास्थल खरगापुर के आधार पर किया गया है।
संजय शर्मा ने अमिताभ ठाकुर और उनके परिवार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें आय से अधिक संपत्ति अर्जित करना, परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्ति बेचना, जनहित याचिकाओं के माध्यम से ट्रेडिंग करना और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से काले धन को सफेद करने जैसे आरोप शामिल हैं। एफआईआर में यह भी कहा गया है कि खरगापुर में सहकारी समिति की भूमि का अवैध रूप से क्रय किया गया है।
आरोप है कि अमिताभ प्रत्येक जांच अधिकारी को धमकी देते रहते हैं। गृह विभाग ने अमिताभ और उनके परिवार के लोगों की संपत्तियों की सूचना मांगी थी, जिसपर उन्होंने तत्कालीन आईजी तनुजा श्रीवास्तव को धमकी भरा पत्र लिख दिया था।
एफआईआर के मुताबिक नूतन ठाकुर ने पीआईएल दाखिल करना अपना पेशा बना लिया है। संजय शर्मा ने विभिन्न आंदोलनों में अमिताभ ठाकुर या उनके किसी एनजीओ की ओर से कितना व्यय किया गया और इसके क्या श्रोत हैं, इसकी जांच की भी मांग की है।