लखनऊ। पीजीआई क्षेत्र के साउथ सिटी स्थित आशीर्वाद सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में नाक के ऑपरेशन के बाद युवा कलाकार की मौत के मामले की जांच छह माह से फाइलों में अटकी है। आईजीआरएस पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर बृहस्पतिवार को बीमार पिता लड़खड़ाते कदमों से सीएमओ कार्यालय पहुंचे और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपने बयान दर्ज कराए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच दोबारा शुरू कर दी।
वृंदावन निवासी प्रिंस यादव (19) को साइनस की समस्या थी। परिजन सितंबर, 2025 में उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टर ने नाक की हड्डी के ऑपरेशन की सलाह दी थी। 18 सितंबर की शाम प्रिंस को ऑपरेशन के लिए ओटी में ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि बेहोशी की दवा की ओवरडोज के कारण उनकी मौत हुई। उनका यह भी आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने करीब तीन घंटे तक घटना की जानकारी दबाए रखी। इसके बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया था।
पुलिस ने सीएमओ को पत्र भेजकर जांच कर रिपोर्ट मांगी थी। सीएमओ ने जांच के लिए ईएनटी सर्जन समेत दो सदस्यीय कमेटी गठित किए जाने का दावा किया था। कोई कार्रवाई न होने पर मृतक के पिता रामबाबू यादव ने करीब छह माह पहले आईजीआरएस पर शिकायत की थी। उनका आरोप है कि छह माह बीतने के बाद भी उस पर कमेटी ने कार्रवाई नहीं की। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि जांच दोबारा शुरू कराई गई है। दोनों पक्षों के बयान और साक्ष्यों का आकलन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।