लखनऊ। गोसाईंगंज सीएचसी में गर्भवती की सिजेरियन डिलीवरी के दौरान गर्भाशय में गॉज पैड (हेमोस्टैटिक पैड) छोड़ने के मामले की जांच शनिवार से शुरू हो गई। इसके लिए दो सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। कमेटी ने डॉक्टर व महिला को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है।
गोसाईंगंज क्षेत्र के बेगरियामऊ गांव के रत्नेश सिंह ने पत्नी सोनिया को प्रसव पीड़ा होने पर 22 सितंबर को सीएचसी गोसाईंगंज में भर्ती कराया था। उसी दिन सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। पति के मुताबिक, ऑपरेशन के कुछ देर बाद ही सोनिया की तबीयत बिगड़ने लगी। इस पर उसे लोहिया संस्थान के मातृ एवं शिशु हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। वहां करीब पांच दिन भर्ती रहने के बाद छुट्टी दे दी गई। करीब 8-10 दिन बाद महिला के टांके पकने लगे।
आरोप है कि दोबारा सीएचसी गोसाईंगंज ले जाने पर डॉक्टर ने इलाज करने से मना कर दिया और प्रसूता को दूसरे अस्पताल में दिखाने की सलाह दी, मगर परिजन मरीज को लेकर घर आ गए। बृहस्पतिवार को फिर से दर्द उठा। पेशाब जाने पर यूरिन के रास्ते में गॉज पैड निकला। पति ने ऑपरेशन के दौरान पेट में गाॅज पैड छोड़ने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि दो सदस्यीय कमेटी सभी बिंदुओं की गहनता से जांच कर रिपोर्ट देगी। जांच के दौरान डॉक्टर व स्टाफ की लापरवाही मिली तो सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी।