लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राज्य सरकार को लखनऊ में स्कूलों के आसपास यातायात प्रबंधन से संबंधित मुद्दे का अध्ययन करने और बैठकों में हुई चर्चा के आधार पर नए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए 16 जुलाई तक का और समय दिया है। सरकार से स्कूलों को उनके आसपास के यातायात प्रबंधन के लिए जिम्मेदार ठहराने वाले कुछ दिशानिर्देश तैयार करने का प्रस्ताव देने के लिए भी कहा था।
न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश गोमती रिवरबैंक रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की जनहित याचिका पर दिया। इसमें राजधानी के स्कूलों के पास यातायात संबंधी समस्याओं का मुद्दा उठाया गया है।
इससे पहले अदालत ने लखनऊ के कई स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय जाम लगने पर चिंता जताई थी। साथ ही राज्य के अधिकारियों को सुधारात्मक उपाय करने का निर्देश दिया था। राज्य सरकार के अधिवक्ता ने बताया कि स्कूल के अफसरों और राज्य के अधिकारियों के साथ हुईं दो दौर की बैठकें कुछ हद तक सफल रहीं हैं। शैक्षणिक संस्थानों के अंदर और आसपास प्रभावी यातायात प्रबंधन के संबंध में प्रस्ताव मिले हैं। संस्थानों के साथ सभी राज्य अधिकारी प्रस्तावों पर पूरी गंभीरता से विचार कर रहे हैं। प्रभावी और लागू करने योग्य प्रस्तावों पर पहुंचने के लिए कुछ और समय चाहिए। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार को अतिरिक्त समय दे दिया। अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी।