लोकसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश का खुफिया विभाग अपने स्तर से सूचनाएं एकत्र करने में जुट गया है। सूत्रों के अनुसार इसके लिए क्षेत्रीय अभिसूचना अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। इंटेलिजेंस मुख्यालय के अधिकारी भी जिलों से सूचना हासिल करने में जुट गए हैं।
वैसे विधानसभा चुनाव से लेकर अन्य सभी चुनाव के दौरान राज्य की पुलिस और खुफिया विभाग अपने-अपने स्तर से जमीनी सूचना जुटाता है कि कहां-कहां गड़बड़ी हो सकती है। यह भी देखा जाता है कि किस क्षेत्र में किन कारणों से किस तरह का तनाव हो सकता है। इसके लिए पूर्व में हुई घटनाओं व तनाव की स्थिति का ब्योरा जुटाया जाता है ताकि समय रहते एहतियाती कदम उठाए जाएं। इस बार भी लोकसभा चुनाव को लेकर राज्य की खुफिया एजेंसी ने कवायद शुरू कर दी है। हालांकि असली तस्वीर तब सामने आएगी जब प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के नाम घोषित हो जाएंगे।