प्रदेश सरकार ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर जारी लॉकडाउन के बीच कई कड़ी शर्तों के साथ 11 तरह के उद्योगों के संचालन की अनुमति दे दी है। पटरी पर उतरी अर्थव्यवस्था को ट्रैक पर लाने के लिए इसे अहम कदम माना जा रहा है। उद्यमी 50 प्रतिशत कर्मियों के साथ उद्योगों का संचानन शुरू कर सकेंगे लेकिन उन्हें केंद्र व राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन की ओर से महामारी के संक्रमण के रोकथाम के लिए जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा।
स्पष्ट किया गया है कि नियमों का पालन न किए जाने पर इकाइयों का संचालन तत्काल बंद करा दिया जाएगा। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर सतत प्रक्रिया उद्योगों व आवश्यक सेवाओं से जुड़े उद्योगों के संचालन के संबंध में कई महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए।
उन्होंने कहा है कि औद्योगिक इकाइयों के संचालन को लेकर लगातार संशय की स्थिति बन रही है और केस टू केस आधार पर संचालन की अनुमति मांगी जा रही है। उन्होंने शासन के अधिकारियों व जिलाधिकारियों को जारी निर्देश में कहा है कि स्टील, रिफाइनरी, सीमेंट, रसायन, उर्वरक, वस्त्र (परिधान छोड़कर), फाउंड्रीज, पेपर, टायर, कॉमन इंफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट व चीनी मिलों के संचालन की अनुमति दी जा रही है।
इन इकाइयों को कच्चा माल के परिवहन तथा आवश्यक मेंटेनेंस सेवाओं की भी अनुमति रहेगी। इन इकाइयों के संचालन के लिए किसी स्तर से अलग से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी, लेकिन शर्तों का कड़ाई से पालन करना होगा।