मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग ने बेडों को बढ़ाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी, निजी मेडिकल कॉलेजों और छह चिकित्सा संस्थानों में कम से कम 10 हजार आईसोलेशन व क्वारंटीन बेड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा और स्टेट नोडल ऑफिसर की जिम्मेदारी तय की गई है कि वह मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा संस्थानों से समन्वय स्थापित करके सूचना शासन को उपलब्ध कराएं।
प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे ने महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा प्रो. केके गुप्ता को प्रदेश के 18 सरकारी व स्वशासी मेडिकल कॉलेज, 27 निजी मेडिकल कॉलेजों में 10 हजार आइसोलेशन व क्वारंटीन बेड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। एक मेडिकल कॉलेज में कम से 200 बेड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. विक्रम सिंह छह चिकित्सा संस्थानों से समन्वय स्थापित करेंगे। सीजी सिटी सुपर स्पेशलिटी कैंसर संस्थान में भी क्वारंटीन वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
रजनीश दुबे ने बताया कि अब तक सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 483 और निजी में 383 आइसोलेशन बेड आरक्षित किए गए हैं। प्रमुख सचिव ने दो श्रेणी में बेड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। पहली में ऐसे पॉजिटिव लोगों के लिए व्यवस्था की जाएगी, जिनके सभी अंग सही काम कर रहे हों यानि हीमोडायनिमिकली स्टेबल हों। दूसरी श्रेणी में ऐसे जिसमें वेंटीलेटर युक्त आईसीयू की व्यवस्था हो। इसके अलावा कोरोना पॉजिटिव मरीजों की देखरेख में लगे डॉक्टर व कर्मचारियों के लिए भी अस्पतालों में अलग से क्वारंटीन बेड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।