अयोध्या। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने मंगलवार को निर्माणाधीन वैक्स म्यूजियम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रामायण वैक्स प्रतिमाओं का अवलोकन किया और उनकी गुणवत्ता व प्रस्तुतीकरण की सराहना की। जिलाधिकारी ने कहा कि यह वैक्स म्यूजियम जनपद की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को प्रदर्शित करने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। इससे पर्यटकों और आमजन को भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों के बारे में जानकारी मिलेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को सभी निर्माण और साज-सज्जा संबंधी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान अपर जिला अधिकारी नगर योगानंद पांडेय, सीओ आशुतोष त्रिपाठी, उपजिलाधिकारी अरविंद आदि मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने नवीन पर्यटन आवास गृह का किया निरीक्षण
अयोध्या। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने मंगलवार को रामकथा पार्क में निर्माणाधीन नवीन पर्यटन आवास गृह का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भवन के विभिन्न हिस्सों का अवलोकन कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने आवास गृह में सुविधाओं, साज-सज्जा, विद्युत और जलापूर्ति की समीक्षा की। कार्यदायी संस्था को शेष कार्य मानकों के अनुरूप और समय पर पूरे करने के निर्देश दिए गए। बताया कि इसका उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। डीएम ने कहा कि अयोध्या में पर्यटन वृद्धि के लिए गुणवत्तापूर्ण अवसंरचना का विकास महत्वपूर्ण है। यह आवास गृह श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवासीय सुविधाएं प्रदान करेगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
जिलाधिकारी ने बाढ़ सुरक्षा तैयारियों का लिया जायजा
अयोध्या। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने जिले में संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने मड़ना उपरहार स्थित बाढ़ तटबंध और शरणालय स्थल का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
डीएम मंगलवार की दोपहर मड़ना क्षेत्र पहुंचे। इस दौरान उन्होंने तटबंधों की मजबूती और मरम्मत कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने गुणवत्ता के साथ कार्य शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया। कहा कि बाढ़ सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। शरणालय स्थल पर पेयजल, विद्युत, शौचालय और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। प्रभावितों को तत्काल राहत और सुरक्षित आश्रय सुनिश्चित करने को कहा। संवेदनशील क्षेत्रों की निरंतर निगरानी और राहत-बचाव संसाधनों की उपलब्धता के भी निर्देश दिए गए।