ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन नगर कोतवाल व मौजूदा समय में मीडिया सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर पंकज सिंह को एसपी ने निलंबित कर दिया है। शहर के बहराइच रोड स्थित आशाराम बापू आश्रम में किशोरी की हत्या के मुकदमे के विवेचक रहे तत्कालीन नगर कोतवाल पंकज सिंह काफी दिनों से सुर्खियों में थे। किशोरी की हत्या के मामले में कोतवाल के साथ ही एसपी भी पिछले दिनों हाईकोर्ट में तलब किए गए थे। हाईकोर्ट ने किशोरी की हत्या की तफ्तीश से जुड़े सवाल किए तो एसपी की तबीयत भी बिगड़ गई थी। माना जा रहा है कि इसी मामले में पंकज सिंह पर निलंबन की कार्रवाई हुई है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के विमौर गांव से लापता 13 साल की किशोरी का शव सात अप्रैल 2022 की रात संदिग्ध हालात में गांव स्थित संत आशाराम बापू आश्रम में खड़ी कार के अंदर मिला था। जबकि किशोरी की मां गीता पांडेय ने पांच अप्रैल को ही उसके लापता होने की सूचना नगर कोतवाली पुलिस को दी थी। यही नहीं कई बार कोतवाली पुलिस ने संपर्क कर बेटी को तलाशने का अनुरोध भी किया था। पुलिस ने न तो गुमशुदगी दर्ज की और न ही किशोरी को तलाशने का कोई प्रयास किया। यहां तक कि किशोरी का शव मिलने के बाद भी पुलिस ने घटना का खुलासा नहीं किया।
पुलिस की लचर कार्यशैली से परेशान किशोरी की मां ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की थी। इस पर हाईकोर्ट ने मुकदमे के विवेचक व तत्कालीन नगर कोतवाल पंकज सिंह के साथ ही एसपी को तलब किया था। एसपी ने हाईकोर्ट में जवाब व हलफनामा दाखिल कर पुलिस की कार्रवाई को उचित बताया था। हाईकोर्ट ने 18 अक्तूबर को एसपी व मुकदमे के विवेचक पंकज सिंह को तलब किया था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एसपी से सवाल किए तो उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। माना जा रहा है कि किशोरी की हत्या के मुकदमे की तफ्तीश में लापरवाही बरतने पर ही एसपी आकाश तोमर ने तत्कालीन नगर कोतवाल व मौजूदा समय में मीडिया सेल प्रभारी इंस्पेक्टर पंकज सिंह को निलंबित किया है।