हादसे के बाद मौके पर जांच करती पुलिस
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बाराबंकी जिले में सफेदाबाद में सतरिख थाना क्षेत्र के संदौली गांव में सोमवार सुबह दो बच्चों के शव रेल पटरी के किनारे पड़े पाए गए। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रथमदृष्टया जांच में पाया कि बच्चे ट्रेन की चपेट में आ गए होंगे। इनमें एक बच्चा लखनऊ का है जो रिश्तेदारी में संदौली गांव आया था। जबकि दूसरा अपने माता-पिता की इकलौता पुत्र था। घटना से परिजनों में कोहराम मचा है।
सतरिख थाने का संदौली गांव बाराबंकी से लखनऊ जाने वाले रेलमार्ग के किनारे बसा है। पुलिस के अनुसार लखनऊ जिले के गोमतीनगर थाना क्षेत्र के डिगडिगा निवासी रंजीत कुुमार का 10 वर्षीय पुत्र हरिकेश संदौली गांव में अपने नाना बुधराम के यहां अपनी मां सुमन के साथ भैयादूज के मौके पर आया था। जब से वह यहीं था। सोमवार सुबह करीब आठ बजे वह पड़ोस में रहने वाले मुन्ना यादव के नौ वर्षीय पुत्र आयुष के साथ खेलते हुए खेतों की ओर निकला था।
करीब साढ़े नौ बजे गांव के पास से गुजरी रेल पटरी के किनारे दोनों के शव ग्रामीणों ने देखे। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची सतरिख पुलिस ने ग्रामीणों व परिजनों के बयान लेने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। सतरिख के थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि, प्रथमदृष्टया बच्चे ट्रेन की चपेट में आ गए। आशंका व्यक्त की जा रही है कि एक्सप्रेस ट्रेन ही होगी। मामले की जांच की जा रही है।
जिगर के टुकड़े का हश्र देख बेहोश हो गई मां
संदौली गांव में सोमवार को पूरा दिन मातम का माहौल देखने को मिला। मुन्ना यादव एक मामले में पिछले कई दिनों से जेल में निरुद्घ है। उसकी पत्नी राधा ही मेहनत मजदूरी करके किसी तरह से पुत्र व दो पुत्रियों का भरण पोषण करती थी। इकलौते बेटे आशुष का शव देखते ही राधा गश खाकर गिर पड़ी। बहनों के आंसू भी बंद होने का नाम नहीं ले रहे थे। यहीं हाल लखनऊ के डिगिडिगा निवासी हरिकेश के पिता रंजीत व उसकी मां सुमन का था। परिजनों को रोता बिलखते देख ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं।