पॉलिथीन उत्पाद से जुड़ी निर्माण इकाइयों की होगी जांच
राजधानी क्षेत्र में चोरीछिपे संचालित पॉलिथीन व प्लास्टिक के उत्पाद बनाने वाली निर्माण इकाइयों की सघन जांच होगी। इस दौरान निर्माण इकाई में मिलने वाली 50 माइक्रॉन से कम की प्रतिबंधित पॉलीथिन के स्टॉक को री-साईकिल कराया जाएगा। यह निर्देश जिलाधकारी कौशल राज शर्मा ने दिया। उन्होंने इस कार्रवाई की निगरानी का जिम्मा क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को सौंपा है।
साथ ही निर्देश दिया है कि बिना पंजीकरण के संचालित पॉलीथिन निर्माण से जुड़ी इकाइयों को सीज किया जाए। 50 माइक्रॉन से कम के प्लास्टिक व इससे जुड़े उत्पाद के निर्माण, बिक्री व उपयोग पर प्रतिबंधित है। बावजूद इसके बाजारों में चोरी छिपे इनका खुलकर इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने कारोबारियों को भी भरोसा दिलाया कि लोगों को जागरूक करने के लिए प्रतिबंधित प्लास्टिक के विकल्पों के निर्माण और इन्हें दुकानदारों को निशुल्क उपलब्ध करवाने का कार्य भी प्रशासन कराएगा।