लखनऊ। पीजीआई के रेडियोडायग्नोसिस विभाग ने चिकित्सा शिक्षा में नई उपलब्धि हासिल की है। यहां तीन दिनों तक प्रदेश का पहला कार्डियोथोरेसिक इमेजिंग मास्टरक्लास चला। इसमें डॉक्टरों को दिल और फेफड़ों की गंभीर बीमारियों की सटीक पहचान सिखाई गई। डॉक्टरों ने कंप्यूटर पर मरीजों की रिपोर्टों का विश्लेषण कर विशेषज्ञों का मार्गदर्शन लिया। विभाग प्रमुख डॉ. अर्चना गुप्ता ने बताया कि इसका उद्देश्य भविष्य के रेडियोलॉजिस्ट को आधुनिक चुनौतियों के लिए तैयार करना है। एम्स दिल्ली, टाटा मेमोरियल मुंबई और बीएचयू समेत देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के 16 विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीकों पर चर्चा की।