लखनऊ। केजीएमयू के यूरोलॉजी विभाग में कैंसर की महंगी दवाओं में गड़बड़ी सामने आने के बाद सात अन्य विभागों में भी दवाओं और मरीजों के रिकॉर्ड की जांच कराई जा रही है। जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय कमेटी ने तीन विभागों की जांच पूरी कर ली है।
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के मुताबिक, जनरल सर्जरी, गैस्ट्रो सर्जरी और रेडियोथेरेपी विभागों की जांच पूरी कर ली गई है। कमेटी ने इन विभागों से कैंसर मरीजों का ब्योरा मांगा था। इसमें असाध्य योजना समेत अन्य सरकारी योजनाओं के तहत पंजीकृत मरीजों की जानकारी भी शामिल है। जांच टीम ने ऐसे मरीजों का रिकॉर्ड खंगाला, जिन्हें पांच हजार रुपये से अधिक कीमत वाली कैंसर की दवाएं दी गई थीं। मरीजों के यूएचआईडी नंबर, इलाज से जुड़े दस्तावेज, दवाओं की खरीद और उपयोग संबंधी जानकारी का मिलान किया गया। कुछ मरीजों से फोन पर संपर्क कर यह भी पता लगाया गया कि उन्हें कौन-कौन सी दवाएं दी गईं। इलाज की प्रक्रिया कैसी रही? कैंसर का इलाज शुरू करने से पहले किस तरह की जांच कराई गई।
प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि तीन विभागों की जांच पूरी हो चुकी है। कमेटी अपनी रिपोर्ट बुधवार शाम तक कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद को सौंपेगी। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई तय की जाएगी।