लखनऊ। राजकीय जुबली इंटर कॉलेज में आधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला डिस्कवरी साइंस सेंटर का उद्घाटन बृहस्पतिवार को उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने किया। साथ ही उन्होंने राजधानी में साइंस पार्क की स्थापना की भी घोषणा की। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। फिलहाल राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (छोटी जुबली) में इस पार्क को बनाने की बात चल रही है। छोटी जुबली को भी राजकीय जुबली की तरह मॉडल कॉलेज बनाने की योजना है।
आधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला के बाद अब राजधानी के छात्रों को साइंस पार्क का भी लाभ मिलेगा। एचसीएल फाउंडेशन के इस प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी दे दी है, जिसके बाद उप मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा की। पीपीपी मॉडल पर इसका निर्माण कराया जाएगा, जिसके निर्माण में करीब 70 लाख रुपये का खर्च आ सकता है। इसके निर्माण में एक से दो एकड़ जमीन की आवश्यकता है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज छोटी जुबली में इसका निर्माण कराया जा सकता है। इस कॉलेज का परिसर काफी बड़ा है। जल्द ही इसके निर्माण को लेकर जमीन फाइनल कर दी जाएगी। एचसीएल फाउंडेशन की निधि पुंढीर ने साइंस पार्क के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह अनूठा और प्रदेश का पहला साइंस पार्क होगा। यह पूरी तरह से ओपन होगा। राजधानी के छात्र पार्क में घूमने के साथ ही विज्ञान के क्रियाकलापों के बारे में जानकारी ले सकेंगे। पार्क में फिजिक्स, बायोलॉजी, केमिस्ट्री के विभिन्न सिद्धांतों को मॉडलों के जरिए खेल-खेल में समझ सकेंगे। इसके अलावा नक्षत्रों की जानकारी के लिए भी कई उपकरण व संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
कई योजनाओं का उद्घाटन
राजकीय जुबली इंटर कॉलेज को मॉडल कॉलेज के रूप में स्थापित करने के लिए उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने एक साथ कई योजनाओं का उद्घाटन किया। सबसे पहले उन्होंने एचसीएल फाउंडेशन के सीएसआर फंड द्वारा निर्मित डिस्कवरी साइंस सेंटर का उद्घाटन किया। इस आधुनिक प्रयोगशाला में विज्ञान से संबंधित कई क्रियाशील व स्थिर मॉडल स्थापित किए गए हैं। जिनके माध्यम से छात्र खेल-खेल में कई क्रियाओं की जानकारी ले सकेंगे। फाउंडेशन की निधि पुंढीर ने बताया कि इसकी समय सारिणी बनाई जाएगी। ताकि राजधानी के सभी स्कूल के छात्र यहां कर जानकारी ले सकें। इसके अलावा उप मुख्यमंत्री ने नई प्रयोगशाला, राउंड टेबल कक्षाएं, आर्ट गैलरी का भी उद्घाटन किया। राउंड टेबल कक्षाओं में गोल मेजें हैं और उसके इर्द-गिर्द स्टील की कुर्सियां लगाई गई हैं। वहीं आर्ट गैलरी में छात्र लाइव चित्र बनाना सीख सकेंगे। ओरिएंट बेल टाइल्स के माध्यम से राष्ट्र गान के अलावा कई विषयों के टॉपिक के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल में विज्ञान के शिक्षकों का पूल बनाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो टेस्ट के आधार पर शिक्षकों का चयन होगा, जो शिक्षक पढ़ाने में अच्छे नहीं हैं उनका स्थानांतरण किया जाएगा, फाउंडेशन के विज्ञान शिक्षक भी यहां पढ़ाएंगे। इसके अलावा सुपर 50 छात्रों का चयन कर उन्हें इंजीनियरिंग, मेडिकल और सिविल सेवा की कोचिंग दी जाएगी। उनको राजकीय जुबली के छात्रावास में ठहराया जाएगा।
टूटे फर्नीचर देख भड़के उप मुख्यमंत्री
भाटिया ब्लॉक की कक्षाओं में लगे ओरिएंट बेल टाइल्स के निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री की नजर कक्षा में रखे टूटी फर्नीचरों पर पड़ी। इस पर वे भड़क गए और उन्होंने कॉलेज प्रशासन को तुरंत इसे बदलवाने का आदेश दिया। वहीं क्लीन-ग्रीन योजना के तहत 50 लाख रुपये से निर्मित स्मार्ट क्लास में उन्होंने पत्रकारों को संबोधित किया, लेकिन इस दौरान कई बार विद्युत आपूर्ति बाधित हुई, जबकि योजना के अंतर्गत सोलर सिस्टम भी लगाया जाना था। इस अवसर पर जेडी सुरेंद्र तिवारी, डीडीआर विभा मिश्रा, डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह, प्रधानाचार्य सर्वादानंद समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।