लखनऊ। प्रसव के बाद होने वाला रक्तस्राव नए इंजेक्शन से रोका जा सकता है। इससे मातृ मृत्यु दर कम हो सकती है। अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में ऑब्स एंड गाइनी सोसाइटी के सम्मेलन में विशेषज्ञों ने यह जानकारी दी।
डॉ. शीष मुखोपाध्याय ने कहा कि सही पहचान और आधुनिक तकनीकों से इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी सुरक्षित प्रसव संभव है। डॉ. एन. पलानीअप्पन ने रोटेशन तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया, जिससे बच्चे की स्थिति को अनुकूल बनाकर प्रसव को सुरक्षित किया जा सके। इससे अनावश्यक सिजेरियन से बचा जा सकता है। डॉ. प्रीति कुमार ने कॉन्क्लेव का उद्देश्य डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर सुरक्षित मातृत्व को मजबूत करना बताया। डॉ. सीमा मेहरोत्रा ने टीम वर्क और निरंतर प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया।
कार्यक्रम में मौजूद चिकित्सक।