लखनऊ। भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के गायन विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ शुक्रवार को कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने किया। पहले दिन पद्मभूषण पंडित अजय चक्रवर्ती ने विद्यार्थियों को स्वर उच्चारण, शब्दों की स्पष्टता, आवाज की शुद्धता और वॉइस मॉड्यूलेशन जैसी बारीकियों की गहराई से जानकारी दी। उन्होंने कार्यशाला को ‘संगीत दर्शन’ की संज्ञा देते हुए अनुभवों और शैली को साझा किया। उन्होंने विद्यार्थियों के सवालों के उत्तर देते हुए जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।