मौसमी बीमारियों से बचने के लिए टीकाकरण जरूरी है। बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाए और संक्रमण से बचाया जाए तो भविष्य में होने वाली कई गंभीर बीमारियों से मुक्ति मिल सकती है।
इन्फ्लुएंजा वायरस एड्स जैसी बीमारी से भी खतरनाक है। इंफ्लुएंजा वायरस के चलते बीमार होने वाले 30 फीसदी बच्चों को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा जिसमें आठ फीसदी बच्चों की मौत हो गई।
भारत में एक्यूट लोवर रेस्परेटरी इंफेक्शन के सालाना 43 मिलियन मामले सामने आते हैं जिसमें 12 फीसदी मामले इंफ्लुएंजा वायरस के चलते आते हैं।
उन्होंने कहा कि बारिश के बाद भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। ऐसी जगहाें से संक्रमण तेजी से फैलता है और पूरा परिवार उसकी चपेट में आ जाता है।
ऐसी स्थिति से बचने के लिए खानपान के साथ दिनचर्या का खास ख्याल रखना चाहिए। ये टीकाकरण महत छह से सात सौ रुपये में हो जाता है जिसके बाद इंफ्लुएंजा वायरस के अटैक का खतरा कम रहता है।