सीतापुर रोड स्थित आईआईएम के सभागार में ईएसजी शिखर सम्मेलन हुआ।
लखनऊ। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने के लिए शुक्रवार को सीतापुर रोड स्थित आईआईएम के सभागार में ईएसजी शिखर सम्मेलन हुआ। विशेषज्ञों ने प्रदेश की 90 लाख से ज्यादा एमएसएमई को वैश्विक मानकों के अनुरूप गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दिया। सम्मेलन में छोटे उद्यमों को आगे बढ़ाने, निर्यात ऑर्डर प्राप्त करने व उत्पादन लागत कम करने के तरीकों पर भी मंथन हुआ।
उत्तर प्रदेश सरकार, एएफसी इंडिया लिमिटेड, इंडिया ईएसजी (भारत पर्यावरण-सामाजिक-शासन) अलायंस के साझा सहयोग व संयुक्त आयुक्त उद्योग विभाग अनिल कुमार के निर्देशन में हुए कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में रिटायर्ड आईएएस आलोक सिन्हा ने प्रदेश के उद्योगों को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने को कहा। एएफसी इंडिया लिमिटेड के एमडी मशहर वेलपूर्त ने उत्सर्जन और हरित वित्त जैसे विषयों को अपनाने पर जोर दिया। कंसोर्टियम फॉर एजुकेशनल कम्यूनिकेशन (भारत सरकार, नई दिल्ली) के निदेशक परीक्षत सिंह मन्हास, एएफसी इंडिया लिमिटेड के डीजीएम अवनेश कलिक ने कहा कि छोटे उद्योग नियमों के दबाव में नहीं, बल्कि स्पष्ट लाभ दिखने पर बदलाव अपनाते हैं। डॉ. संजय प्रधान ने ईएसजी को सुलभ बनाने के लिए कहा। वस्त्र, हस्तशिल्प, चमड़ा, कृषि से जुड़े 125-150 उद्यमियों ने हिस्सा लिया।
सीतापुर रोड स्थित आईआईएम के सभागार में ईएसजी शिखर सम्मेलन हुआ।