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औद्योगिक विकास मंत्री ने कहा : बंद पड़ी यार्न व कताई मिलों की 1500 एकड़ भूमि को उपयोग में लाएं

Fri, 16 Sep 2022 01:15 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने स्टेट यार्न कंपनी लिमिटेड, स्पिनिंग कंपनी लिमिटेड, राज्य वस्त्र निगम और सहकारी कताई मिल्स संघ लिमिटेड की बंद पड़ी मिलों की स्थिति, भूमि की उपलब्धता, बकाए व देनदारी के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली।
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कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि बंद पड़ी यार्न और कताई मिलों की निष्प्रयोज्य 1500 एकड़ भूमि को उपयोग में लाने की योजना बनाई जाए। उन्होंने शासन की अनुमति लेकर बंद मिलों के लैंड यूज बदलने के भी निर्देश दिए। वे बृहस्पतिवार को पिकप भवन सभागार में उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के कामकाज की समीक्षा कर रहे थे।

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नंदी ने स्टेट यार्न कंपनी लिमिटेड, स्पिनिंग कंपनी लिमिटेड, राज्य वस्त्र निगम और सहकारी कताई मिल्स संघ लिमिटेड की बंद पड़ी मिलों की स्थिति, भूमि की उपलब्धता, बकाए व देनदारी के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि संबंधित मिलों एवं कर्मचारियों से वार्ता कर बकाए के भुगतान का प्रयास किया जाए। इसके लिए नोडल अधिकारी की तैनाती की जाए। 

बैठक में बताया गया कि स्टेट यार्न कंपनी लिमिटेड कानपुर से संबद्ध बंद पड़ी मेजा, बांदा और रसड़ा (बलिया) यार्न मिल की 324.63 एकड़ भूमि, यूपी स्पिनिंग कंपनी लिमिटेड कानपुर से संबद्ध रायबरेली, बाराबंकी, मऊनाथ भंजन कताई मिल की 212.79 एकड़ भूमि, राज्य वस्त्र निगम लिमिटेड कानपुर से संबद्ध झांसी, संडीला और मेरठ वस्त्र मिल की 221 एकड़ भूमि और सहकारी कताई मिल्स संघ लिमिटेड से संबद्ध कंपिल (फर्रुखाबाद), बुलंदशहर, फतेहपुर, बहेड़ी (बरेली), अमरोहा, नगीना (बिजनौर), बहादुरगंज (गाजीपुर), मगहर (संत कबीर नगर), महमूदाबाद (सीतापुर) और मउआईमा (प्रयागराज) की 705 एकड़ भूमि मिलों के बंद होने के कारण बेकार पड़ी है। 
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औद्योगिक क्षेत्र का किया जाए सुंदरीकरण
नंदी ने कहा कि ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में अरबों का निवेश हुआ। जनवरी 2023 में आयोजित होने वाले ग्लोबल इनवेस्टर समिट में भी दस लाख करोड़ के निवेश की योजना है। ऐसे में औद्योगिक क्षेत्र को और अधिक बेहतर बनाने की जरूरत है। इंडस्ट्रियल एरिया का सुंदरीकरण किया जाए। निवेश बढ़ रहा है, तो बदलाव दिखना चाहिए। बैठक में सचिव औद्योगिक विकास विभाग अभिषेक प्रकाश, सीईओ यूपीसीडा मयूर माहेश्वरी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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