आईटी चौराहे से निशातगंज जाने वाले इंदिरा ब्रिज पर 26 फरवरी से बंद ट्रैफिक अभी करीब एक महीने तक और नहीं चलेगा। इस पर हल्के वाहन भी अब तभी चलेंगे, जब रेलवे अपने हिस्से वाले पुल की मरम्मत कर लेगा। अभी तक रेलवे और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौखिक रूप से यह कह रहे थे कि पुल के स्ट्रक्चर को कोई नुकसान नहीं है, जिससे हल्के वाहन चलाए जा सकते हैं। हालांकि, न तो रेलवे और न ही पीडब्ल्यूडी ने इसकी हरी झंडी दी। ऐसे में करीब 50 हजार लोगों को अभी दिक्कत झेलनी पड़ेगी।
रेलवे ने पुल की तकनीकी जांच के बाद लोक निर्माण विभाग को सिर्फ यह रिपोर्ट भेजी कि वह मरम्मत कर रहा है। पुल को अभी हल्के वाहनों के लिए खेाला जा सकता है या नहीं? इस संबंध में कुछ नहीं लिखा। उधर, लोक निर्माण विभाग ने भी मामले में अपना पल्ला झाड़ लिया है। लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार कह रहे हैं कि रेलवे ने ऐसी कोई रिपोर्ट ही नहीं दी कि पुल को हल्के वाहनों के लिए खोला जा सकता है या नहीं।
विभाग के इंजीनियरों का यह भी कहना है कि पुल के जिस हिस्से में मरम्मत की जरूरत है वह रेलवे का है। मरम्मत भी उसी को करनी है। यदि वह लिखकर देगा कि मरम्मत के दौरान हल्के वाहन चलाए जा सकते हैं तो पुल को इनके लिए खोला जाएगा। वरना बिना मरम्मत पूरे हुए पुल नहीं चालू किया जाएगा।
रेलवे के हिस्से वाले पुल का हाल
इस फ्लाईओवर में रेलवे के हिस्से के स्पैन में नीचे लोहे के गार्डर का पिलर के तौर पर इस्तेमाल किया गया है। इनकी फाउंडेशन में दरारें आने के साथ गार्डर का नीचे वाला पतला हिस्सा भी जंग से कमजोर हो रहा है। पुल केऊपर वाले हिस्से में स्पैन की साइड बाउंड्री भी कई जगह करीब 100 मीटर में जर्जर हो गई है और टूट-टूटकर गिरती है। लोहे के गार्डर पर पुल के ऊपर से आने वाला बरसाती पानी भी गिरता है, क्योंकि ड्रेन पाइप गार्डर पर ही खुले हैं।
मरम्मत होने पर ही खोलेंगे पुल
रेलवे ने यह रिपोर्ट दी है कि वह मरम्मत कर रहा है। पुल को हल्के वाहनों के लिए खोल दिया जाए, ऐसा कुछ लिखकर नहीं दिया है। सुरक्षा के लिहाज से अब जब मरम्मत का काम हो जाएगा, तभी पुल खोला जाएगा।
मनीष वर्मा, अधिशासी, लोक निर्माण विभाग
अपने हिस्से में मरम्मत पूरी करे लोक निर्माण विभाग
रेलवे अपने हिस्से में मरम्मत कर रहा है। लोक निर्माण विभाग अपने हिस्से में मरम्मत का काम पूरा कर ले, ताकि पुल को सभी वाहनों के लिए एक साथ खोला जा सके। आदित्य कुमार, डीआरएम एनईआर