रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशंस सेंटर और इंडियन सोसाइटी ऑफ जियोमैटिक्स लखनऊ चैप्टर के संयुक्त तत्वावधा
लखनऊ। रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशंस सेंटर और इंडियन सोसाइटी ऑफ जियोमैटिक्स लखनऊ चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में डॉ. भीमराव अंबेडकर सम्मेलन केंद्र में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों और अंतरिक्ष प्रेमियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा किसी मील के पत्थर से कम नहीं है और आने वाले समय में इसके अपार अवसर खुलने वाले हैं।
मुख्य अतिथि, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. थिपेंद्र पी. सिंह ने कहा, “अंतरिक्ष में संभावनाएं असीमित हैं। आने वाले दिनों में अंतरिक्ष पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और अंतरिक्ष यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।”
इस मौके पर इसरो के पूर्व निदेशक डॉ. केसी भट्टाचार्य ने कहा कि अंतरिक्ष अनुसंधान नई प्रौद्योगिकियों और खोजों का द्वार खोलता है, जो मानव जीवन को और बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।
अमृतांशु वाजपेयी ने एस्ट्रो-फोटोग्राफी विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने खगोल छायांकन की मूल बातें, सिटिजन साइंस की अवधारणा और रोबोटिक टेलीस्कोप के उपयोग की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में पोस्टर प्रतियोगिता और क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। पोस्टर प्रतियोगिता में पहला पुरस्कार चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, दूसरा आईटी कॉलेज और तीसरा अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज को मिला। क्विज प्रतियोगिता में भी पहला स्थान चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, दूसरा आईटी कॉलेज और तीसरा अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज के विद्यार्थियों ने हासिल किया।
रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशंस सेंटर और इंडियन सोसाइटी ऑफ जियोमैटिक्स लखनऊ चैप्टर के संयुक्त तत्वावधा