श्रावस्ती। देश के प्रथम गांव में विकास की रफ्तार को भले ही गति दी जा रही हो, लेकिन यहां गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जा रहा। नेपाल सीमा से सटे सिरसिया के ग्राम मोतीपुर कलां में हो रहे आरसीसी मार्ग निर्माण में इसका प्रमाण देखा जा रहा है। जहां गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य देख ग्रामीण उसके अस्तित्व को लेकर अभी से आशंकित नजर आ रहे हैं।
सिरसिया विकास क्षेत्र का अनुसूचित जनजाति बाहुल्य मोतीपुर कला गांव नेपाल सीमा से सटा है। यहां 200 मीटर आरसीसी मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को उबड़-खाबड़ मार्ग से निजात मिलने की उम्मीद जगी थी लेकिन गुणवत्ताविहीन निर्माण को देखकर ग्रामीणों में मार्ग की मजबूती को लेकर आशंका सताने लगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब निर्माण में मिट्टी व पीले ईंट की गिट्टी का प्रयोग किया जा रहा है तो आखिर यह मार्ग कितने दिन टिकेगा।
आरसीसी मार्ग ढलाई करने के लिए बनाई जा रही एजिंग जरा सा ठोकर लगने पर ही उजड़ रही है। इसके बावजूद जिम्मेदारों की नजर इस पर नहीं पड़ रही है। ग्रामीण राजेन्द्र प्रताप, पारसनाथ, होली राम, सुखराज, राजेश कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने डीएम अजय कुमार द्विवेदी से हस्तक्षेप मार्ग निर्माण के गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।