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लखनऊ में चार दिन रहेगा हजारों वैज्ञानिकों का जमावड़ा, ये आयोजन होंगे

Tue, 25 Sep 2018 02:52 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : डेमो
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पांच से आठ अक्तूबर तक लखनऊ में वैज्ञानिकों का जमावड़ा लगेगा। चार दिवसीय भारतीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ-2018) में भाग लेने के लिए पूरी दुनिया से करीब 10 हजार युवा और वरिष्ठ वैज्ञानिक लखनऊ में जुटेंगे।
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इसके अलावा विभिन्न जगहों पर होने वाले कार्यक्रमों में पांच लाख दर्शकों के शामिल होने की संभावना है। छह अक्तूबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आयोजन का उद्घाटन करेंगे।

महोत्सव में सार्क सदस्य देशों के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री भी मौजूद होंगे। आयोजकों का कहना है कि मुख्य कार्यक्रम इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगा। राष्ट्रपति का उद्घाटन कार्यक्रम भी यहीं रखा गया है, पर मुख्य आकर्षण गोमतीनगर रेलवे स्टेशन के कैंपस में आयोजित मेगा साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इंडस्ट्री एक्सपो होगा।
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इसमें केंद्र व राज्य सरकार के उपक्रमों और संस्थानों के अलावा निजी क्षेत्र में भी विकसित तकनीक को प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्य आयोजक केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और विज्ञान भारती का प्रयास है कि संस्थान अपनी तकनीक को मूल स्वरूप में ही प्रदर्शनी में रखें। ऐसे में यहां ब्रह्मोस, अग्नि मिसाइल के साथ आधुनिक रोबोट, चंद्रयान मिशन से जुड़े व्हीकल देखने का मौका होगा। देश के चुनिंदा 200 नव प्रवर्तक भी अपने आविष्कारों के साथ प्रदर्शनी में शामिल होंगे।

बदलाव के लिए विज्ञान थीम पर होगा कार्यक्रम

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान
विज्ञान महोत्सव के आयोजन पर नजर
- इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 5-8 अक्तूबर तक ‘बदलाव के लिए विज्ञान’ थीम पर विदेशी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालयों की सभा, पूर्वोत्तर छात्र सभा, बेहतर हरित कार्य, कृषि सभा, युवा वैज्ञानिक सम्मेलन व राष्ट्रपति का उद्घाटन कार्यक्रम।

- गोमतीनगर रेलवे स्टेशन परिसर में 5 से 8 अक्तूबर तक मेगा साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इंडस्ट्री एक्सपो रहेगा। इसमें पूरे देश से तकनीकों का प्रदर्शन खुद वैज्ञानिक करेंगे।

- अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में 6-8 अक्तूबर तक इंटरनेशनल साइंस लिटरेचर एंड फिल्म फेस्टिवल होगा। यहां 5-19 अक्तूबर तक हेल्थ कॉन्क्लेव और प्रदर्शनी भी लगेगी।

- जीडी गोयंका पब्लिक स्कूल, सुशांत गोल्फ सिटी में 6-7 अक्तूबर को इंजीनियरिंग मॉडल मुकाबला होगा। इसमें देशभर से चुने 100 इंजीनियरिंग छात्र अपने साइंस मॉडल प्रदर्शित करेंगे। एमिटी यूनिवर्सिटी, बीबीडी यूनिवर्सिटी, बायोटेक पार्क, इंटीग्रल यूनीवर्सिटी में भी कार्यक्रम रहेंगे।

- नेशनल बॉटनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट, सिकंदरबाग में 5-7 अक्तूबर तक साइंस विलेज का आयोजन। इसमें 12वीं तक के छात्र सांसद आदर्श ग्राम योजना को प्रभावी बनाने के लिए अपने मॉडल बनाएंगे। इनके लिए कार्यशालाएं भी रहेंगी।

 

इनसे हो पाएंगे रूबरू

प्रो.अनिल काकोदकर और डॉ विजय भाटकर - फोटो : अमर उजाला
विश्व रिकॉर्ड बनाएंगे छात्र
विज्ञान महोत्सव के दौरान लखनऊ के अलग-अलग स्कूलों से चुने गए 500 छात्र विश्व रिकॉर्ड भी बनाएंगे। ये मिलकर डीएनए आइसोलेशन करेंगे। इसे गिनीज बुक ऑफ द वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल कराया जाएगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

इनसे हो पाएंगे रूबरू
प्र्रो. अनिल काकोदकर - प्रो. काकोदकर मूल रूप से परमाणु भौतिक विज्ञानी हैं। वह 1996 से 2000 तक भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के निदेशक भी रहे। वैज्ञानिक प्रतिभा के लिए उन्हें पदम भूषण और पदम विभूषण मिल चुका है।

डॉ. आर चिदंबरम - इन्हें पोखरण परीक्षण के लिए जाना जाता है। 1975 और 1998 दोनों समय यह टीम की अगुवाई कर रहे थे। सरकार ने इन्हें पदमश्री और पदम विभूषण सम्मान से नवाजा है।
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इनसे भी होंगे रूबरू

जी माधवन नायर और डॉ विजय भाटकर - फोटो : अमर उजाला
जी माधवन नायर - जी नायर इसरो के चेयरमैन के साथ स्पेस कमीशन के भी चेयरमैन रहे। 2009 में उन्हें पदम विभूषण मिला। तिरूवंतपुरम में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी की स्थापना इनके ही प्रयासों से हुई।

डॉ. विजय भाटकर - इन्हें कंप्यूटर जीनियस के रूप में जाना जाता है। देश का परम सुपर कंप्यूटर उनकी अगुवाई में बनी टीम ने बनाया था। इन्हें पदमश्री, पदम भूषण सम्मान मिल चुका है। 

लखनऊ के लिए महत्वपूर्ण आयोजन
चार दिन विज्ञान महोत्सव में  पूरे लखनऊ में अलग-अलग आयोजन रहेंगे। इनके लिए वैज्ञानिक संस्थानों के अलावा शैक्षिक संस्थाओं में भी कार्यक्रम रखे गए हैं। पूरी दुनिया से जुड़ रहे वैज्ञानिकों से मिलने और उनके विचार जानने का मौका भी होगा। लखनऊ केलिए यह आयोजन बहुत महत्वपूर्ण होगा।
- श्रेयांस मंडलोई, संगठन सचिव अवध प्रांत, विज्ञान भारती
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