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लखनऊ में आज से वैज्ञानिकों और तकनीकविदों का मेला, नव भारत निर्माण पर होगा काम

Fri, 05 Oct 2018 08:34 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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भारतीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव के लिए सजाया गया इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान। - फोटो : amar ujala
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चौथा भारतीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ-2018) का आगाज आज लखनऊ में होगा। 8 अक्तूबर तक राजधानी में होने वाले इस महोत्सव के दौरान अपने अनुसंधान से अलग पहचान बना चुके देश-विदेश के प्रमुख वैज्ञानिक और तकनीकी शिक्षाविद प्रदेश के विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। 

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इसमें लोगों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र हुए प्रत्येक अत्याधुनिक पहलू को नजदीक से जानने का अवसर मिलेगा। विज्ञान और तकनीक के छह हजार से अधिक जानकारों और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के 2500 विद्यार्थियों की मौजूदगी से चार दिन तक राजधानी विज्ञानमयी रहेगी।

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रेसवार्ता में महोत्सव के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश में इनोवेशन और स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जा रहा है। विज्ञान महोत्सव में देशभर से चुने गए करीब 200 स्टार्टअप आएंगे। इनसे युवाओं को सीखने का मौका मिलेगा कि कैसे छोटे-छोटे इनोवेशन और आइडिया को कमाई के अवसर में बदला जा सकता है। 
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800 महिला वैज्ञानिक व उद्यमी भी अपने शोध और तकनीकी विकास का प्रदर्शन विज्ञान महोत्सव में करेंगी। आयोजन मुख्य कार्यक्रम स्थल इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के अलावा गोमतीनगर रेलवे स्टेशन, जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, नेशनल बॉटेनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट, साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में होंगे।

नए भारत के लिए विजन-2022 का माध्यम बनेगा विज्ञान महोत्सव

- फोटो : amar ujala
डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2022 तक एक नए भारत के निर्माण की संकल्पना पर काम कर रहे हैं। इसके लिए विजन 2022 तैयार किया जा रहा है। इस विजन के आधार पर ही आने वाले दिनों में काम होगा। इसका मकसद देश के लोगों को खुशहाल और पीड़ामुक्त बनाना है। विज्ञान महोत्सव विजन 2022 का माध्यम  बनेगा। शुक्रवार को युवा वैज्ञानिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में नव भारत निर्माण कार्यक्रम के तहत देश की प्रमुख समस्याओं के समाधान तलाश किए जाएंगे। उनके सुझावों को शामिल करते हुए विजन 2022 को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि  पर्यावरण संरक्षण के लिए पहले ही ग्रीनवुड डीड नाम से अभियान हम चला रहे हैं। इसमें युवाओं के 700 ऐसे कामों को चुना गया है जो नवाचार के जरिए पर्यावरण संरक्षण कर रहे हैं।

इन बिंदुओं पर होगा नव निर्माण
प्लास्टिक उत्पादों का विकल्प
बच्चों की साइबर अपराध से सुरक्षा
भूगर्भ जलसंकट का समाधान
पेयजल में बैक्टीरिया जैसी विषाक्तता से मुक्ति 
वायु प्रदूषण से निबटने की तकनीक
स्मार्ट घरेलू बिजली खपत प्रबंधन

गिनीज बुक में दर्ज होंगे दो अनुसंधान 

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि विज्ञान महोत्सव में प्रस्तुत होने वाले दो अनुसंधान को गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। इनमें कक्षा 8 से 10वीं के 500 छात्रों द्वारा डीएनए पृथक्करण का एक विश्व रिकॉर्ड है। गिनीज बुक की टीम लखनऊ पहुंच गई है। 

अटलजी को समर्पित विज्ञान महोत्सव 
डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने 1998 में भारत को परमाणु शक्ति संपन्न बनाया था। उन्होंने ही जय जवान जय किसान के नारे के साथ जय विज्ञान जोड़ा था। वाजपेयी के संसदीय क्षेत्र रहे लखनऊ में हो रहा आईआईएसएफ 2018 उन्हें समर्पित किया गया है।  

राष्ट्रपति कल करेंगे उद्घाटन 
डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि 5 अक्तूबर को विज्ञान महोत्सव शुरू हो जाएगा। इसमें साइंस एक्सपो, यूथ कॉन्क्लेव, जीआईएसटी मीट, भारत नव निर्माण, हेल्थ कॉन्क्लेव की शुरुआत होनी है। इसका औपचारिक उद्घाटन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 6 अक्तूबर की शाम 5:30 बजे करेंगे। 8 अक्तूबर को समापन समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी मौजूद रहेंगे। 

यूपी में वैज्ञानिक सोच विकसित करने में मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विज्ञान महोत्सव के आयोजन का मौका पहली बार यूपी को मिला है। इससे यूपी में वैज्ञानिक सोच को विकसित करने में फायदा मिलेगा। महोत्सव से जुड़े कार्यक्रम लखनऊ में करीब आधा दर्जन जगहों पर होंगे। प्रदेश सरकार इसमें आने वाले प्रतिनिधियों को सुरक्षा और सुविधाएं मुहैया कराएगी। प्रमुख अतिथियों को राज्य अतिथि का दर्जा दिया गया है। विज्ञान महोत्सव का फायदा अधिकतम बच्चों को मिले, इसके लिए लखनऊ के आसपास के जिलों को भी विज्ञान महोत्सव में लाए जाने का इंतजाम किया गया है।
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प्लास्टिक मुक्त विज्ञान महोत्सव

science festival - फोटो : amar ujala
विज्ञान महोत्सव में प्लास्टिक के गिलास और कैरीबैग के उपयोग को प्रतिबंधित रखा गया है। विजिटर्स से अपील की गई है कि वे महोत्सव में खुद की दुबारा इस्तेमाल होने योग्य पानी की बोतल लेकर आएं। पीने के पानी की व्यवस्था परिसर में रहेगी। 

मोबाइल एप से लें जानकारी
विज्ञान महोत्सव की जानकारी देने के लिए मोबाइल एप आईआईएसएफ 2018 लॉन्च किया गया है। इसे प्ले स्टोर और आई ट्यून स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इसमें सभी जरूरी सूचनाएं और कार्यक्रमों का शिड्यूल होगा।

विज्ञान महोत्सव में खास
10,000 वैज्ञानिक, शोधार्थी हो रहे शामिल
5 लाख विजिटर्स के आने की संभावना
200 से अधिक स्टार्टअप दिखाएंगे अपनी तकनीक
300 संस्थान साइंस होंगे एक्सपो में शामिल
600 स्टॉल पर दिखेंगी भारत में विकसित तकनीकें
2 विश्व रिकॉर्ड बनाए जाएंगे
800 महिला उद्यमी, वैज्ञानिक दिखाएंगी सशक्तीकरण

थीम : परिवर्तन के लिए विज्ञान
डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि विज्ञान महोत्सव की थीम ‘परिवर्तन के लिए विज्ञान’ रहेगी। हमारी कोशिश है कि अब तक के तीन आयोजनों से बेहतर लखनऊ का विज्ञान महोत्सव रहे। इसलिए वायु प्रदूषण पर भी एक कॉन्क्लेव इसमें जोड़ा गया है। 
 
सीएम के सामने उठाया केंद्रीय विवि में सुविधाओं का मुद्दा
विज्ञान महोत्सव को लेकर मुख्यमंत्री योगी व केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन की प्रेसवार्ता में बीबीएयू के शोध छात्र प्रणव पांडेय ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों में सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। माइक्रो बायोलॉजी के शोधार्थी प्रणव ने कहा कि उनके यहां लैब में सबसे मामूली चीज एथनॉल है। इसका इस्तेमाल विद्यार्थी सेनेटाइजर के रूप में करते हैं, लेकिन यह भी नहीं उपलब्ध हो पा रहा है। शोधछात्र की ओर से यह मुद्दा उठाए जाने को लेकर थोड़ी देर तक सभी असहज स्थिति में आ गए। हालांकि केंद्रीय मंत्री ने इस मुद्दे के बजाय दूसरे मुद्दे पर चर्चा शुरू कर दी।  
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