जिस तरह से अभी तक देश में विश्वविद्यालय व कॉलेजों की नैक ग्रेडिंग होती है उसी तरह अब इन शिक्षण संस्थानों की कोर्स के तर्ज पर अलग ग्रेडिंग होगी। यह ग्रेडिंग इंडियन बिजनेस एक्रेडिटेशन काउंसिल करेगी।
इंडियन कॉमर्स एसोसिएशन एक साल के अंदर ही काउंसिल गठन कर काम शुरू कर देगी। वैसे, यह संस्था एसोसिएशन के अंतर्गत होगी, लेकिन इसे काम करने की स्वायत्तता रहेगी। काउंसिल देश के विश्वविद्यालयों व कॉलेजों की ग्रेडिंग, उनके यहां चलने वाले कॉमर्स से जुड़े कोर्सेज के आधार पर करेगी।
लखनऊ विश्वविद्यालय में शुक्रवार से होने वाली 69वीं ऑल इंडिया कॉमर्स कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने पहुंचे इंडियन कॉमर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. एमके सिंह और सचिव डॉ. बलविंदर सिंह ने बताया कि योजना पर काम शुरू हो चुका है। इसमें नैक के एडवाइजर जगन्नाथ पाटिल सहयोग कर रहे हैं।
डॉ. बलविंदर ने बताया कि किसी संस्थान की नैक ग्रेडिंग होने से उसकी ओवरऑल जानकारी मिलती है। जैसे कि वह किस स्तर का है, लेकिन उसके आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि वहां चलने वाले कोर्सेज का अलग-अलग स्तर क्या है।
संभव है कि वहां एक फैकल्टी बहुत अच्छी हो तो दूसरी कमजोर। जब काउंसिल कोर्स के अनुसार ग्रेडिंग करेगी तो छात्र दाखिले से पहले जान सकेंगे कि कॉमर्स की पढ़ाई में कौन सा संस्थान कैसा है। संभव है कि किसी संस्थान को नैक से ‘बी’ ग्रेड मिले, लेकिन कोर्स के अनुसार वह ‘ए’ ग्रेड में आ जाए। इसी तरह, उल्टा भी हो सकता है।