लखनऊ। भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा। इस स्वर्णिम अवसर के जरिये उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाकर वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनानी चाहिए। यह बातें पीएचडीसीसीआई के यूके-इंडिया बिजनेस कॉन्क्लेव में मुख्य अतिथि और औद्योगिक विकास राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी ने कहीं।
गोमतीनगर स्थित एक होटल में शुक्रवार को हुए कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि सह-ब्रिटिश उप उच्चायुक्त बेन मेलर ने भारत-यूके संबंधों को मजबूत साझेदारी बताया। कहा कि एफटीए से व्यापार में स्थिरता आएगी, व्यवसाय करना आसान होगा और एआई, लाइफ साइंसेज, वित्तीय सेवाओं व ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में नए अवसर खुलेंगे। यह समझौता 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 60 अरब डॉलर से बढ़ाकर 120 अरब डॉलर तक पहुंचा सकता है।
पीएचडीसीसीआई के सीईओ व महासचिव डॉ. रंजीत मेहता ने कहा कि बड़ी आबादी, बढ़ती क्रय शक्ति, मजबूत एमएसएमई आधार, ओडीओपी व जीआई टैग उत्पाद प्रदेश को वैश्विक साझेदारी के लिए एक सशक्त बाजार बनाते हैं। सह अध्यक्ष यूपी चैप्टर विवेक अग्रवाल ने ग्रीन एनर्जी, फिनटेक व एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया। चेतन सब्बरवाल ने जीरो ड्यूटी से भारतीय निर्यातकों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिलने की बात कही। पीएचडीसीसीआई के उप महासचिव डॉ. जतिंदर सिंह, वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक अतुल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।