अमेरिकी स्टार्टअप इकोसिस्टम से वाकिफ हुए इनक्यूबेशन मैनेजर
लखनऊ। अब यूपी के स्टार्टअप्स भी उड़ान भरेंगे ग्लोबल इनोवेशन के आसमान में। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में शुक्रवार को इन्क्यूबेशन मैनेजरों को अमेरिकी स्टार्टअप इकोसिस्टम की बारीकियां सिखाई गईं। नेक्सस स्टार्टअप हब, अमेरिका के सहयोग से शुरू हुए दो दिवसीय ट्रेनिंग कार्यक्रम के पहले दिन इन्क्यूबेटर मैनेजरों को ग्लोबल सोच और लोकल समाधान के फॉर्मूले से परिचित कराया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव ने कहा, सरकार न सिर्फ स्टार्टअप्स को फंडिंग दे रही है, बल्कि उन्हें उड़ान देने के लिए पूरा रनवे भी तैयार कर रही है। उन्होंने इनोवेशन को समस्याओं के स्थायी समाधान से जोड़ने की अपील की। इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर अमेरिका के ग्लेन राबिन्सन ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक स्टार्टअप के पीछे खड़ा इन्क्यूबेशन मैनेजर उसकी दिशा और दशा तय करता है। उन्होंने अमेरिकी मॉडल की खूबियों को साझा करते हुए भारत में उनके उपयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। इसे अपनाकर यहां भी स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जा सकता है। साथ ही भारत-अमेरिका के बीच स्टार्टअप एक्सचेंज प्रोग्राम पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में प्रबंध निदेशक यूपीएलसी रवि रंजन, एसोसिएट डीन इनोवेशन डॉ. अनुज कुमार शर्मा, डॉ. दिव्या राजपूत, विकास शूद, इनोवेशन हब के हेड महीप सिंह, मैनेजर वंदना शर्मा आदि उपस्थित थे।