लखनऊ। महाशिवरात्रि पर रोटी कपड़ा फाउंडेशन ने 14, 15 और 16 फरवरी को आयोजित कार्यक्रम में शहर के छह ऐसे परिवारों को सम्मानित किया, जो संयुक्त परिवार की अवधारणा को आज भी जीवंत बनाए हैं। आयोजन के माध्यम से संदेश दिया गया कि संयुक्त परिवार की परंपरा से ही वसुधैव कुटुंबकम को सच्चे अर्थों में स्थापित किया जा सकता है।
फाउंडेशन के अध्यक्ष राजेश आनंद, सचिव रिद्धि किशोर गौड़, कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल, उपाध्यक्ष आकांक्षा आनंद, अजय मेहरोत्रा और शिप्रा अग्रवाल ने इन परिवारों को अंगवस्त्र दिया। सचिव रिद्धि किशोर गौड़ ने कहा, एकल परिवारों के चलन से ही लोग अवसाद का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में हमने संयुक्त परिवारों को बढ़ावा देने के लिए इन्हें सम्मानित करने का निर्णय लिया।
सम्मानित किए गए परिवारों में गोमतीनगर के जयकरण सिंह भदौरिया का परिवार भी शामिल है। उनके परिवार में ज्येष्ठ पुत्र पंकज सिंह व उनके दो पुत्र और पुत्रवधुओं के साथ कुल 15 सदस्य संयुक्त परिवार का हिस्सा हैं। विकासनगर में प्रेमा शर्मा चार पुत्रों और पुत्रवधुओं समेत 15 सदस्यों के साथ संयुक्त परिवार का संदेश दे रही हैं।
एक ही रसोई में पकता है खाना
चौपटिया में स्वर्गीय बृज बिहारी मेहरोत्रा के दोनों पुत्र परिवार के आठ सदस्यों के साथ एक ही घर में रहते हैं। इनके यहां एक ही रसोई में सभी का खाना पकता है। चौक स्थित फूल वाली गली में शशि बाला धवन तीन विवाहित पुत्रों व परिवार के 12 सदस्यों के साथ संयुक्त परिवार का संदेश दे रही हैं। गोमतीनगर स्थित संजय श्रीवास्तव तीन भाइयों और परिवार के 13 सदस्यों के साथ हर दुख-सुख में एक साथ खड़े हैं। कानपुर निवासी पंडित ताराचंद पांडेय के चार पुत्रों में ज्येष्ठ पुत्र विजय पंडित हैं। वे अन्य तीनों भाइयों के 70 पारिवारिक सदस्यों के साथ कानपुर के कैंट क्षेत्र में रहते हैं। फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने सभी के घर जाकर उन्हें सम्मानित किया।