रायबरेली। सुबह और शाम ठंड हाेने व मौसम बदलने से लोग तेजी से बुखार-खांसी की चपेट में आ रहे हैं। खासकर बच्चे सर्दी, खांसी व बुखार की चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। जिला अस्पताल में ओपीडी में बृहस्पतिवार को करीब 1800 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। पर्चा व दवा काउंटर के साथ ही पैथोलॉजी में जांच कराने के लिए लंबी लाइन लगी।
जिले में डेंगू का प्रकोप थम नहीं रहा है। बृहस्पतिवार को हालत बिगड़ने पर डेंगू के आठ मरीजों को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। बुखार और उल्टी दस्त के भी 33 मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया है।
डायरिया और बुखार के चपेट में आने के बाद दीपाली (1), शहबाज (9), जैद (2), शिवराम (45), अर्चना (13), मयंक (33), फुलऊ (45), लालता प्रसाद (44) समेत 33 मरीजों को भर्ती कराया गया है। ओपीडी में भी मरीजों की भीड़ देखने को मिली। पर्चा व दवा काउंटर के साथ ही पैथोलॉजी में लंबी लाइन देखने को मिली।
डेंगू की चपेट में आए आठ मरीज भर्ती
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डेंगू संक्रमित मरीजों को भर्ती कराया गया। इसमें डलमऊ निवासी देवेंद्र (52), खाली सहाट निवासी शमीमा बानों (43), नसीराबाद निवासी हेमराज (35), मेजरगंज निवासी नाजमी (28), सलोन निवासी रामनाथ (80), पाहो निवासी रामरती (90), घंटाघर निवासी शीला सिंह (70), शिवतरनगंज निवासी सतीश मिश्रा (30) को डेंगू वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया है।
फिरोज गांधी नगर पहुंची टीम, 23 के खून की जांच
शहर के फिरोजगांधी नगर में डेंगू के कई मरीज मिलने के बाद बृहस्पतिवार को मलेरिया निरीक्षक मो. आतिफ व संक्रामक रोग निरीक्षक मो. नकवी की टीम ने मोहल्ले में पहुंचकर लोगों की सेहत जांची। मरीजों के घर पहुंचकर उनका हाल जाना। डेंगू के मरीजों का घर में ही इलाज चल रहा है। नीलम मिश्रा के घर पहुंचकर टीम ने ब्लड की जांच रिपोर्ट को देखने के साथ ही छतों पर रखी पानी की टंकियों में डेंगू के लार्वा की जांच की। मोहल्ले के 22 लोगों के ब्लड के सैंपल भी जांच के लिए भेजे। दवा का छिड़काव भी किया गया।
डेंगू के लक्षण और बचाव
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सलीम का कहना है कि डेंगू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, जीमिचलाना, उल्टी होना, आंखों के पीछे दर्द, कान की ग्रंथियों में सूजन व त्वचा पर लाल चकत्ते आदि होना है। डेंगू से बचाव के लिए घर के आसपास पानी एकत्र न होने दें। ठहरे पानी में मच्छरों के लार्वा बढ़ते हैं। लक्षण प्रतीत होते ही नजदीक के अस्पताल में पहुंचकर इलाज कराएं।
डेंगू और बुखार के भर्ती कराए गए मरीजों का इलाज कराया जा रहा है। वार्डों में दवाओं के पर्याप्त बंदोबस्त किए गए हैं। मौसम में बदलाव हो रहा है। लोग एहतियात बरतें। लक्षण प्रतीत होने पर डेंगू की जांच जरूर कराएं।
- डॉ. प्रदीप अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल