करोड़ों रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच आयकर विभाग भी कर रहा है। इसकी जद में आए कई संस्थानों को नोटिस भेजकर तलब किया जा रहा है। आयकर विभाग की इन्वेस्टीगेशन विंग ने लखनऊ के हाइजिया इंस्टीट्यूट के संचालकों से गत दिवस पूछताछ के बाद बयान भी दर्ज किए हैं। साथ ही बैंक खाते खंगाल रहा है।
आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, छात्रवृत्ति घोटाले के तार देश के कई राज्यों में फैले हुए हैं। गड़बड़ी के सर्वाधिक मामले पंजाब में सामने आए हैं, जहां केंद्रीय एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं। यूपी में बृहस्पतिवार को प्रवर्तन निदेशालय ने भी 22 जगहों पर छापा मारा। इस दौरान गरीब, अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति-जनजाति के हजारों विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति हड़पने के प्रमाण जुटाए।
सूत्रों के मुताबिक, देशभर के कई संस्थानों द्वारा घोटाला अंजाम दिए जाने की शिकायतों के बाद केंद्र सरकार ने आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय को जांच सौंपी है। प्रवर्तन निदेशालय की के बाद अब आयकर विभाग की जांच भी रफ्तार पकड़ रही है।
हाइजिया की जांच में मिले पुख्ता प्रमाण
आयकर विभाग के अधिकारियों की मानें तो हरदोई-सीतापुर बाईपास रोड पर स्थित हाइजिया इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल्स एजूकेशन एंड रिसर्च के संचालक को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। तीन दिन तक चली पूछताछ के दौरान विस्तृत बयान दर्ज किया गया। जिन छात्रों के नाम से छात्रवृत्ति ली गई, उनके बैंक खातों की जानकारी भी जुटाई गई है। आयकर विभाग अब यह पता लगा रहा है कि घोटाले की रकम को कहां निवेश किया गया।