लखनऊ। जवाहर भवन में अग्निकांड के बाद भी कई बहुमंजिला भवनों में संचालित विभागों के जिम्मेदार आग की घटनाओं की रोकथाम को लेकर सजग नहीं दिखे। मंगलवार को गोमतीनगर स्थित पिकप भवन में आग से बचाव के इंतजाम आधे-अधूरे नजर आए। परिसर में लगे बॉक्स में होजरील ही नहीं थी। सीढि़यों पर कबाड़ जमा था। नवचेतना केंद्र में इंतजाम कम और खतरा अधिक नजर आया।
बेंच के पीछे फायर सिलिंडर, सीढि़यों की हालत भी जर्जर
पिकप भवन के दो भवनों में छह-छह तल पर इंवेस्ट यूपी, यूपीडा, यूपीसीडा, आपदा प्रबंधन, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, भारतीय मानक ब्यूरो, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य विभागों के कार्यालय हैं। मंगलवार दोपहर 2:35 बजे पांचवें तल पर यूपीडा के कार्यालय में फायर सिलिंडर बेंच के पीछे छिपाकर रखे मिले। परिसर में चार स्थानों पर लगे वाटर हाइड्रेंट के पास बॉक्स तो लगा दिखा, लेकिन होजरील नहीं थी। एक वाटर हाइड्रेंट पेड़ की जड़ पास बनाया गया है। आपातस्थिति में भवन से बाहर आने के लिए बनी सीढि़यों की हालत काफी जर्जर है। सरिया दिख रही और प्लास्टर गिर रहा है। नीचे तल पर सीढि़यों के पास कबाड़ भी रखा दिखा।
अंदर इंतजाम सही...आग का खतरा भी कम नहीं
हजरतगंज के नवचेतना केंद्र भवन में अंदर कार्यालयों के सामने तो आग से बचाव के इंतजाम दुरुस्त दिखे, मगर भवन की बाहरी दीवारों और परिसर में आग का खतरा बचाव इंतजामों से अधिक नजर आया। यहां भी एक बॉक्स से होजरील गायब थी। बिजली के तारों का मकड़जाल और नीचे खड़े वाहन खतरे को बढ़ा रहे हैं। यूपी इलेक्ट्राॅनिक्स विभाग की गैलरी में अलमारी व अन्य सामान रखा होने से रास्ता संकरा हो गया है। भवन के छठे तल पर पुस्तकालय और वाचनालय, आयुष्मान विभाग, यूपी इलेक्ट्राॅनिक्स, बैंक और अन्य कार्यालय संचालित हैं।
पिकप भवन में खाली बॉक्स और अंदर पड़ा कबाड़।
पिकप भवन में खाली बॉक्स और अंदर पड़ा कबाड़।
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पिकप भवन में खाली बॉक्स और अंदर पड़ा कबाड़।
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पिकप भवन में खाली बॉक्स और अंदर पड़ा कबाड़।
पिकप भवन में खाली बॉक्स और अंदर पड़ा कबाड़।
पिकप भवन में खाली बॉक्स और अंदर पड़ा कबाड़।
पिकप भवन में खाली बॉक्स और अंदर पड़ा कबाड़।
पिकप भवन में खाली बॉक्स और अंदर पड़ा कबाड़।