भोजन, रोजगार, मजदूरी और सुरक्षा की मांग को लेकर 21 अप्रैल को सवेरे 10.30 बजे पांच से दस मिनट तक प्रदेश के मजदूर अपने-अपने घरों के सामने, बालकनी और छतों से आवाज लगाकर विरोध दिवस मनाएंगे। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया जाएगा।
सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) केप्रदेश महामंत्री प्रेमनाथ राय ने बताया कि विरोध दिवस मनाने का आह्वान देश के तमाम मजदूर संगठनों ने किया है। इसमें छात्र, नौजवान, महिला, किसान व खेत मजदूर भी शामिल होंगे। सभी यूनियनें प्रधानमंत्री को ई-मेल से ज्ञापन भेजेंगी।
वे काम के घंटे आठ से बढ़ाकर 12 घंटे करने पर विरोध जताएंगे। लॉकडाउन अवधि का वेतन भुगतान कराने, कटनी-छंटनी पर रोक लगाने, रोजगार के नए अवसर सृजित करने, आयकर न देने वाले सभी परिवारों को तीन माह तक 7500 रुपये प्रतिमाह की सहायता देने, फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों व आवश्यक सेवा से जुडे़ कर्मियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने, ठेका, कैजुअल व आउटसोर्सिंग मजदूरों व कर्मचारियों की छंटनी पर रोक लगाने की मांग करेंगे।
मनरेगा के तहत 200 दिन काम देने, बकाया मजदूरी का भुगतान, शहरी क्षेत्र में रोजगार गारंटी योजना का विस्तार, लघु व मध्यम उद्योगों को वित्तीय सहायता, घरेलू हिंसा को रोकने का उपाय करने और स्वयं सहायता समूहों को ब्याज रहित ऋण देने की मांग भी की जाएगी।