दो दोस्तों की हत्या का मामले में तीन अन्य हमलावरों की पहचान, बंद किए फोन
लखनऊ। गोमतीनगर के विराम खंड में चोरी के दौरान पकड़े जाने पर दो दाेस्तों की हत्या के मामले में तीन और हमलावरों की पहचान हो गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। तीनों ने अपने फाेन बंद कर लिए हैं। उधर, हमले में मारे गए राकेश के परिजनों से पुलिस का संपर्क नहीं हो सका है। पुलिस की टीम ने बहराइच में डेरा डाला है। परिजनों के मिलने के बाद पोस्टमार्टम कराकर शव उन्हें दिया जाएगा।
इंस्पेक्टर गोमतीनगर राजेश त्रिपाठी का कहना है कि पुलिस की एक टीम राकेश के घरवालों का पता लगा रही है। वहीं, तीन टीमें हमलावरों की तलाश में लगाई गई हैं। हत्या के आरोप में पुलिस ने सोमवार को सीतापुर रामकोट के गौर बिहट निवासी मोहित, खैराबाद के बन्नी गांव निवासी शिवराज और जौनपुर के रामदेव को गिरफ्तार किया था।
तीनों से पूछताछ में सामने आया कि उनके साथ मोहित का पिता ललई, मौसा देशराज और चचेरा भाई पप्पी भी हमले में शामिल था। तीनों वारदात के बाद से भागे हुए हैं। पुलिस सीतापुर, जौनपुर, बाराबंकी और आसपास के जिलों में तीनों की तलाश कर रही है। सर्विलांस की मदद भी ली जा रही है। तीनों के घरवालों से भी पूछताछ की गई है। पुलिस का कहना है कि अगर वारदात में इन तीनों के अलावा अन्य की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
दहशत बनाना चाहते थे आरोपी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि भविष्य में कोई उनके घर में दाखिल न हो, इसके लिए दोनों से बर्बरता की थी। वह इलाके में दहशत बनाना चाहते थे। उन्हें इस बात का अहसास नहीं था कि हमले में दोनों की मौत हो जाएगी। पुलिस आरोपियों के घर की महिलाओं की भूमिका के बारे में पता लगा रही है। चिह्नित आरोपियों के पकड़े जाने के बाद पूरा मामला स्पष्ट हो जाएगा।
ये है मामला
बहराइच के कैसरगंज निवासी राम संवारे और राकेश शनिवार रात मोहित के घर में घुस गए थे। इसी दौरान शोरगुल सुनकर मोहित व उसके घरवालों की नींद खुल गई थी। आरोपियों ने दोनों को बंधक बनाकर खूब पीटा था। चेहरे पर कालिख पोतकर उनके शरीर पर 420 लिखा और मरणासन्न हालत में रेलवे लाइन के पास फेंक आए थे। रविवार सुबह दोनों का शव देखकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी।