उत्तर प्रेदश में धर्म परिवर्तन विधेयक पास हो गया है। यूपी में धोखा व झांसा देकर या गलत वादा करके धर्म परिवर्तन कराना अब संज्ञेय व गैरजमानती अपराध की श्रेणी में आएगा। धोखा देकर धर्म परिवर्तन कराने पर 10 साल तक की सजा होगी। इसके अलावा 50 हजार रुपये तक जुर्माना लगेगा।
आपको बता दें कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार द्वारा पेश किए गए ‘उप्र विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक, 2021’ को बुधवार को विधानसभा में ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। हालांकि नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी व नेता बसपा लालजी वर्मा समेत विपक्ष के कुल 16 सदस्यों ने इस विधेयक को प्रवर समिति को सुपुर्द करने का संशोधन प्रस्ताव दिया था, लेकिन सत्ता पक्ष के विरोध के बाद मतविभाजन के आधार पर विपक्ष के संशोधन प्रस्ताव को खारिज कर विधेयक को पारित कर दिया गया।
विधेयक में झांसा देकर दूसरी जाति की लड़की से शादी करने या किसी का धर्म परिवर्तन कराने पर अधिकतम 10 साल तक की सजा के साथ ही न्यूनतम 15 हजार व अधिकतम 50 हजार तक जुर्माना का भी प्रावधान किया गया है। सिर्फ शादी के लिए अगर लड़की का धर्म बदला गया तो ऐसी शादी न केवल अमान्य घोषित कर दी जाएगी बल्कि धर्म परिवर्तन कराने वालों को 10 साल तक जेल की सजा भी भुगतनी पड़ सकती है।
इस कानून के लागू होने के बाद अब प्रदेश में किसी एक धर्म से दूसरे धर्म में लड़की के धर्म में परिवर्तन से एक मात्र प्रयोजन के लिए किए गए विवाह पर ऐसा विवाह शून्य (अमान्य) की श्रेणी लाया जा सकेगा। दोष सिद्ध हुआ तो न्यूनतम 1 वर्ष और अधिकतम 5 वर्ष तक की सजा होगी। साथ ही कम से कम 15,000 रुपए का जुर्माना भी भरना होगा। अगर मामला अवयस्क महिला, अनूसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की महिला के संबंध में हुआ तो दोषी को 3 वर्ष से 10 वर्ष तक की जेल और न्यूनतम 25,000 रुपये तक जुर्माना अदा करना पड़ेगा।