29 जुलाई को सुबह दस बजे अमित शाह तीन दिन के प्रदेश दौरे पर लखनऊ पहुंचे। उनके लखनऊ आते ही प्रदेश की सत्ता में बड़ी हलचल शुरू हो गई। सपा और बसपा के तीन एमएलसी के इस्तीफा देते ही अमित शाह के इरादे स्पष्ट हो गए। जानिए तीन दिन के दौरान प्रदेश की राजनीति में क्या-क्या घटित हुआ...
- उनके लखनऊ पहुंचने से पहले ही सपा के दो और बसपा के एक एमएलसी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
- सपा के एमएलसी ने प्रेस को दिए बयान में मोदी की तारीफी की और बीजेपी में ज्वॉइन करने को लेकर संभावना भी व्यक्त की।
- सपा के एक और एमएलसी मधुकर जेटली के भी इस्तीफे की सूचना थी, लेकिन शिवपाल ने बयान देकर कहा कि मैंने उन्हें रोक लिया।
- सपा, बसपा के एमएलसी के इस्तीफे के बाद अखलेश यादव और मायावती ने बीजेपी पर राजनैतिक भ्रष्टाचार फैलाने और लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया।
- दोनो विपक्षी पार्टियों के आरोपों को खारिज करते हुए उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि अमित शाह के दौरे और विपक्षी पार्टी के एमएलसी द्वारा दिए गए इस्तीफे को जोड़कर न देखा जाए।
- अमित शाह का पहला दिन बीजेपी कार्यकर्ताओं और योगी सरकार के मंत्रियों से संवाद स्थापित करने में बीता।
- कार्यकर्ताओं को जहां उन्होंने पूरी ऊर्जा से काम करने को प्ररित किया वहीं योगी सरकार के मंत्रियों को आईना दिखाते हुए नसीहत दी कि काम ज्यादा लग रहा है तो छुट्टी ले लें।
- दूसरे दिन भी बीजेपी अध्यक्ष ने बीजेपी की कोर कमेटी, प्रकल्प प्रमुख और अन्य विभागों के पदाधिकारियों के साथ भाजपा कार्यालय में बैठक की।
- राजनैतिक गलियारे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब अमित शाह मुख्यमंत्री और कई मंत्रियों के साथ बीजेपी के एक बूथ अध्यक्ष सोनू यादव के यहां दोपहर का खाना खाने पहुंच गए।
- किसी दलित के बजाए पिछड़े वर्ग के यहां जाने को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि अमित शाह सपा के यादव वोट बैंक और पिछड़े वर्ग को बीजेपी से जोड़ना चाहते हैं।
- दौरे के अखिरी दिन प्रेस कांफ्रेंस करके केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाई साथ्ा ही विपक्षी दलों पर हमला भी बोला। शिवपाल के बीजेपी ज्वॉइन करने की संभावनाओं को भी अमित शाह ने नकार दिया।