प्रदेश में तीन नए निजी विश्वविद्यालय की स्थापना को बृहस्पतिवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत जेएसएस विश्वविद्यालय नोएडा, सरोज इंटरनेशनल विश्वविद्यालय लखनऊ और शारदा विश्वविद्यालय आगरा की स्थापना को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। प्रस्ताव के अनुसार आवश्यक औपचारिकता पूरी कर प्रायोजक संस्था को विश्वविद्यालय चलाने का प्राधिकार पत्र जारी कर दिया जाएगा। इस तरह प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों की संख्या 40 हो जाएगी। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इन निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पठन-पाठन व्यवस्था को और गति मिलेगी।
बड़े संस्थानों को रखने होंगे फायर अफसर, इमारत सीज करने का मिला अधिकार
कैबिनेट ने उप्र अग्निशमन तथा आपात सेवा अधिनियम-2022 की नियमावली को लागू करने की मंजूरी प्रदान कर दी। शासन के निर्देश पर गृह सचिव और डीआईजी अग्निशमन सेवा की कमेटी ने नियमावली तैयार की है। नई नियमावली के मुताबिक अग्निशमन सेवा विभाग को अब उप्र अग्निशमन एवं आपात सेवा के नाम से जाना जाएगा। इसमें बड़े संस्थानों में अग्निशमन अधिकारी की तैनाती का नियम बनाया गया है। वहीं, लापरवाही की वजह से आग लगने पर विभाग को इमारत सीज करने का अधिकार भी दिया गया है।
बता दें कि राज्य सरकार ने 13 दिसंबर 2022 को अग्निशमन सेवा का नया अधिनियम बनाया था। इसकी नियमावली तैयार करने के बाद बृहस्पतिवार को कैबिनेट में पेश की गयी। नियमावली के मुताबिक प्रतिष्ठानों आदि में अग्निशमन उपकरणों की आपूर्ति करने वाली एजेंसियों को पहले महानिदेशक अग्निशमन एवं आपात सेवाएं से अनुमति प्राप्त करनी होगी। वहीं हर छह माह में प्रतिष्ठान की ओर से उपकरणों के सही हालत में होने का प्रमाण पत्र देना होगा। नियमावली में असिस्टेंट डीआईजी का नया पद भी सृजित किया गया है। यह डीआईजी रैंक का अफसर होगा। वहीं आईजी रैंक के अफसर को निदेशक अग्निशमन एवं आपात सेवाएं के पद पर तैनात किया जाएगा।
प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों का सातवें वेतनमान का बकाया एरियर का जल्द ही भुगतान होगा। इस संबंध में बृहस्पतिवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई है। प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों का एक जनवरी 2016 से 31 मार्च 2019 का सातवें वेतनमान का एरियर बकाया है। इनका भुगतान 50 फीसदी भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और 50 फीसदी राज्य सरकार से होता है। एरियर के मामले में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का तर्क था कि पहले राज्य सरकार जारी करे। ऐसे में कैबिनेट से यह प्रस्ताव पारित हो गया है कि राज्य सरकार अपने हिस्से का करीब 22 करोड़ भुगतान कर देगी ताकि परिषद से भी भुगतान हासिल किया जा सके। इससे करीब डेढ़ हजार से ज्यादा शिक्षक एवं कमचारियों को फायदा मिलेगा।
22 जनवरी को प्रदेश में मीट और शराब की दुकानें रहेंगी बंद
कैबिनेट ने आगामी 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दृष्टिगत प्रदेश में मीट-मछली और शराब की दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गृह विभाग इसका आदेश जारी करेगा। बता दें कि राज्य सरकार ने 22 जनवरी को प्रदेश में शराब की दुकानों को बंद रखने का निर्णय कुछ दिन पहले लिया था। बृहस्पतिवार को कैबिनेट में मुख्यमंत्री ने मीट-मछली की दुकानों को भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
अयोध्या एयरपोर्ट के नामकरण को मंजूरी मिली
योगी कैबिनेट ने अयोध्या में नवनिर्मित हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अयोध्या करने की मंजूरी दी है। अयोध्या एयरपोर्ट का नामकरण पहले मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रखा गया था। लेकिन 30 दिसंबर को एयरपोर्ट के उद्घाटन से कुछ दिन पहले केंद्र सरकार ने एयरपोर्ट का नाम बदलकर महर्षि वाल्मीकि के नाम पर कर दिया। कैबिनेट ने एयरपोर्ट के नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
पूर्व उप निबंधक सोसाइटी व चिट फंड पर आजीवन एक वेतन वृद्धि की कमी का दंड
फर्म, सोसाइटीज और चिट्स कानपुर के पूर्व उप निबंधक प्रवीण कुमार श्रीवास्तव के विरुद्ध लिए गए सख्त फैसले को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा दी गई सलाह से भिन्न कार्यवाही के तहत अब वह आजीवन समकक्षों से एक वेतन वृद्धि पीछे ही रहेंगे। प्रवीण कुमार श्रीवास्तव वर्तमान में सामूहिक बीमा निदेशालय में उप निदेशक हैं। पूर्व में फर्म, सोसाइटीज कार्यालय में उप निबंधक पद पर रहते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई थी। इसके तहत लोक सेवा आयोग प्रयागराज ने सलाह दी थी कि उनकी एक वेतनवृद्धि रोक दी जाए। शासन ने इसे और सख्त कर दिया है। एक बार वेतन वृद्धि रोकने के बजाय ये आदेश संचयी प्रभाव के साथ लागू होगा। यानी जब-जब वेतन वृद्धि होगी, उनका वेतन अपने समकक्षों से पीछे ही रहेगा।
प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश सेमी कंडक्टर नीति 2024 को मंजूरी दे दी। इसी के साथ उत्तर प्रदेश सेमी कंडक्टर पर नीति लाने वाला चौथा राज्य बन गया है। इससे पहले केवल ओडिशा, गुजरात और तमिलनाडु ने सेमी कंडक्टर को लेकर नीति बनाई है। प्रदेश की सेमी कंडक्टर नीति में तीनों राज्यों के सबसे बेहतर प्रस्तावों के अतिरिक्त कई नए प्रस्ताव भी जोड़कर इसे सर्वश्रेष्ठ नीति बनाया गया है।
सेमी कंडक्टर सेक्टर की अहमियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसकी सालाना ग्रोथ 12 फीसदी से भी ज्यादा है। वर्ष 2022 में सेमीकंडक्टर का वैश्विक बाजार 573 अरब डालर का था, जो वर्ष 2029 तक 1380 अरब डालर होने का अनुमान है। भारत में अगले वर्ष तक सेमीकंडक्टर की मांग 100 अरब डालर पहुंचने की संभावना है। इसकी वजह दुनियाभर में इलेक्ट्रानिक्स उत्पादों की बढ़ती मांग है। इतने बड़े बाजार के निवेशकों को आकर्षित करने के लिए योगी सरकार ने ढेरों सौगातें दी हैं। कैबिनेट मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि सेमी कंडक्टर क्षेत्र में यूपी को लीडर बनाने के लिए इस नीति को लाया गया है। सेमी कंडक्टर निर्माण इकाई लगाने वाले निवेशकों को केंद्र सरकार ने पहले 80 हजार करोड़ रुपये के फंड का प्रावधान किया है।
सेमी कंडक्टर नीति एक नजर में
-200 एकड़ जमीन लेने पर 75 फीसदी की लैंड सब्सिडी। इसके बाद अतिरिक्त खरीद पर 30 फीसदी की छूट
-200 करोड़ तक निवेश निवेश करने वाली इकाइयों को 5 फीसदी प्रति वर्ष की ब्याज सब्सिडी
-जमीन की खरीद या पट्टे पर स्टांप व निबंधन शुल्क में 100 फीसदी की छूट
-10 वर्ष तक विद्युत शुल्क पर 100 फीसदी की छूट
-दोहरी पावरग्रिड नेटवर्क के तहत एक ग्रिड का खर्च आईटी मंत्रालय देगा और दूसरे का खर्च निवेशक उठाएगा
-कार्यशाला, जागरुकता कार्यक्रमों के लिए पांच साल तक प्रति वर्ष 60 लाख रुपये
-500 छात्रों को 5 साल तक इंटर्नशिप के लिए प्रति छात्र 20 हजार की मदद
-विश्वस्तरीय प्रतिभाओं को लाने के लिए वन टाइम सपोर्ट के रूप में एक करोड़ सालाना मिलेंगे
-अनुसंधान के लिए दस करोड़ रुपये तक की सब्सिडी
-उत्कृष्ठता केंद्र खोलने पर कुल खर्च का 50 फीसदी सब्सिडी
-पेटेंट पंजीकरण शुल्क का 75 फीसदी सब्सिडी,अधिकतम 10 लाख
-श्रमिकों के लिए आवास बनाने पर अधिकतम 10 करोड़ की मदद
-सेमीकंडक्टर उद्योग का आवश्यक सेवाप्रदाता के रूप में वर्गीकरण होगा
-चौबीस घंटे पानी और एसटीपी की सुविधा दी जाएगी
-नवीनीकृत ऊर्जा के लिए पावर बैकिंग की सुविधा
अयोध्या में माध्यमिक शिक्षा विभाग की 18.08 एकड़ भूमि गृह विभाग को निशुल्क दी जाएगी। इससे संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। प्रस्ताव के मुताबिक श्री राम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र की सुरक्षा में तैनात उप्र विशेष सुरक्षा बल और पीएसी के जवानों के लिए भवन बनाए जाएंगे।