राज्य सरकार बृज तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद के बाद अब चित्रकूट धाम व विंध्याचल धाम को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए तीर्थ विकास परिषद का गठन करने जा रही है। इसके जरिए दोनों तीर्थ स्थलों का समग्र विकास कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे दोनों ही स्थानों पर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
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शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में उप्र. चित्रकूट धाम तीर्थ विकास परिषद विधेयक 2021 तथा उप्र. विंध्य धाम तीर्थ विकास परिषद विधेयक 2021 के मसौदे को हरी झंडी दे दी गई। प्रस्तावित विधेयकों को अब विधानमंडल में रखा जाएगा। कैबिनेट ने तीर्थ विकास परिषद के गठन के संबंध में आगे आवश्यक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है।
सरकार का कहना है कि चित्रकूट व विंध्य धाम की सभी प्रकार की सांस्कृतिक, पारिस्थितिकीय तथा स्थापत्य संबंधी विरासत की सौंदर्यपरक गुणवत्ता को सहेजने, विकसित करने तथा अनुरक्षित करने की योजना तैयार करने के लिए तीर्थ विकास परिषद का गठन किया जाना प्रस्तावित है। परिषद तीर्थ स्थल से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन का समन्वय एवं अनुश्रवण करने के साथ क्षेत्र में एकीकृत पर्यटन विकास तथा विरासत-संरक्षण एवं प्रबंधन के लिए नीतियां तैयार करेगी।
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परिषद चित्रकूट व मिर्जापुर जिले के किसी विभाग, स्थानीय निकाय, प्राधिकरण को चित्रकूट क्षेत्र के विरासतीय संसाधनों को प्रभावित करने वाली किसी योजना, परियोजना या किसी विकासगत प्रस्ताव के संबंध में मार्गदर्शन भी प्रदान करेगी। तीर्थ विकास परिषद का गठन होने पर पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के लिए उच्च स्तरीय पर्यटक अवस्थापना सुविधा भी उपलब्ध हो सकेगी।
102 एंबुलेंस संचालक कंपनी को 47.39 करोड़ का राहत पैकेज
प्रदेश कैबिनेट ने गर्भवती महिलाओं और बच्चों को अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंस सेवा 102 को 47.39 करोड़ रुपये के राहत पैकेज को मंजूरी दे दी है। एंबुलेंस संचालन कंपनी जीवीके ईएमआरआई ने मार्च 2020 से जून 2020 के बीच लॉकडाउन के कारण यह छूट मांगी थी। लॉकडाउन के दौरान कंपनी ने स्वास्थ्य विभाग के साथ हुए एमओयू के लक्ष्य को पूरा नहीं किया था। इसके चलते उस पर कई करोड़ का जुर्माना भी लगा था। इसी के चलते कंपनी ने 108 और 102 सेवा के संचालन को बंद करने की नोटिस दी थी।
यूपी लघु उद्योग निगम के कर्मचारियों को मिलेगा सातवां वेतनमान
कैबिनेट ने यूपी लघु उद्योग निगम के कर्मचारियों को सातवां वेतनमान देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। निगम में कुल 90 कर्मचारी कार्यरत हैं। इस फैसले से ये कर्मचारी लाभान्वित होंगे। निगम कर्मचारी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे।
राजकीय नलकूपों की जल वितरण प्रणाली का होगा आधुनिकीकरण
कैबिनेट ने विभिन्न जिलों में स्थापित 6600 राजकीय नलकूपों की जल वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण व उपकरणों की स्थापना की परियोजना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की कुल लागत 285.79 करोड़ रुपये जीएसटी सहित है। परियोजना को 2022-23 तक पूरा किया जाना है।
सरकार के प्रवक्ता के अनुसार परियोजना के पूरा होने से 11.53 हेक्टेयर प्रति नलकूप के हिसाब से लगभग 76082 हेक्टेयर सिंचन क्षमता की पुनर्स्थापना होगी। इससे लगभग 70 हजार कृषक परिवारों को लाभ मिलेगा। यह परियोजना लघु एवं सीमांत किसानों के लिए विशेष लाभप्रद है। इससे खाद्यान्न उत्पादन में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।
जेवर एयरपोर्ट को लीज पर भूमि देने पर नहीं लगेगा स्टांप शुल्क
गौतमबुद्ध नगर के जेवर में बन रहे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास के लिए नागरिक उड्डयन विभाग के नाम दर्ज 1334 हेक्टेयर भूमि ज्वाइंट वेंचर कंपनी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड को लीज पर दी जाएगी, लेकिन लीज पर दी जाने वाली भूमि पर स्टांप शुल्क एवं निबंधन शुल्क नहीं लिया जाएगा। इससे संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। कैबिनेट में इस परियोजना के संबंध में समय-समय पर जरूरत के मुताबिक निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है। माना जा रहा है कि सरकार के इस फैसले से जेवर एयरपोर्ट के निर्माण में तेजी आएगी।
वृंदावन में यमुना नदी पर दो लेन पुल बनाने के लिए 251 करोड़ मंजूर
कैबिनेट ने मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे से वृंदावन (पागल बाबा मंदिर) तक मार्ग निर्माण के लिए यमुना नदी पर दो लेन पुल निर्माण की लागत 251.55 करोड़ रुपये के व्यय को अनुमोदित कर दिया है। इस फोरलेन मार्ग की लंबाई 7.278 किलोमीटर होगी। प्राचीन स्थलों में वृंदावन धाम एक अद्वितीय स्थान है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और तीर्थयात्री इस मार्ग से आते हैं। धार्मिक आयोजनों पर इस मार्ग पर यातायात अत्यधिक बढ़ जाता है। उपलब्ध मार्ग की चौड़ाई यातायात के दबाव को देखते हुए उपयुक्त नहीं है। इसलिए यह निर्णय लिया गया है।
सहारनपुर में बाईपास निर्माण की लागत को मंजूरी
कैबिनेट ने सहारनपुर में एनएच-709 बी (चुनहेटी) से अंबाला रोड होते हुए दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग के (किमी 171) देवला तक बाईपास निर्माण के लिए 200.22 करोड़ रुपये के व्यय प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फोरलेन बाईपास मार्ग 19.25 किलोमीटर लंबा होगा। सहारनपुर के एक ओर हरियाणा का यमुना नगर व अंबाला जिला और दूसरी ओर उत्तराखंड के देहरादून व हरिद्वार जिले हैं। सहारनपुर में यह मार्ग पौराणिक मां शाकुंभरी देवी शक्तिपीठ आने-जाने का एक मात्र रास्ता है। यह परियोजना सहारनपुर को जाम से मुक्ति दिलाने और श्रद्धालुओं के लिए पर्यटन की लिहाज से अतिमहत्वपूर्ण है।
किसानों व निजी शिक्षण संस्थाओं समेत सरकारी विभागों को मिलेंगे मुफ्त पौधे
कैबिनेट ने 30 करोड़ पौधरोपण अभियान के तहत वन विभाग की पौधशालाओं से निशुल्क पौधे देने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इनमें सिर्फ यूकेलिप्टस और पापुलर के पौधे शामिल नहीं रहेंगे। निशुल्क पौधे सभी शासकीय विभागों, न्यायालय परिसरों, कृषकों, संस्थाओं, व्यक्तियों, निजी एवं शासकीय शिक्षण संस्थाओं, केंद्र सरकार के विभाग व उपक्रम, स्थानीय निकाय, प्राधिकरण, औद्योगिक इकाइयों और सहकारी समितियों आदि को दिए जा सकेंगे। यह निर्णय बेहतर पर्यावरण और किसानों के लाभ के लिए लिया गया है। इस साल 30 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें 10.80 करोड़ पौधे वन विभाग और 19.20 करोड़ पौधे अन्य राजकीय विभागों के माध्यम से रोपे जाएंगे। इसमें जन सहभागिता भी सुनिश्चित कराई जाएगी।